नैनीताल। हाईकोर्ट ने दो वर्षीय डीएलएड कोर्स के लिए स्नातक होने की अनिवार्यता को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के बाद सरकार को पक्ष रखने के निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार (आज) की तिथि नियत की है। बृहस्पतिवार को न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
ऊधमसिंह नगर निवासी मनोज बेलवाल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद के 27 अक्तूबर 2010 को जारी विज्ञापन और उत्तराखंड शासन की प्राथमिक शिक्षकों की नियमावली के एक से पांच तक की कक्षाओं के लिए सहायक अध्यापक बनने के लिए न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक घोषित करने के प्रावधान को चुनौती दी थी। याचिकाकर्ता का कहना था कि यह विज्ञापन को फिर से जारी किया जाए ताकि एनसीटीई के नियमानुसार इंटरमीडिएट में 50 प्रतिशत अंकों से उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकें।