आठ साल पहले रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गये निर्माण खंड लोनिवि खटीमा के तत्कालीन सहायक अभियंता चंद्र सिंह रौतेला पर दोषी साबित होने के बाद अभियुक्त को पांच साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
अपर सेशन न्यायाधीश हल्द्वानी नीलम रात्रा की अदालत ने आठ साल पहले रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किए गये निर्माण खंड लोनिवि खटीमा के तत्कालीन सहायक अभियंता चंद्र सिंह रौतेला पर दोषी साबित होने के बाद अभियुक्त को पांच साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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अभियोजन के मुताबिक 22 जनवरी 2016 को शिकायतकर्ता मो. रियाज पुत्र अखलाक अहमद निवासी ग्राम सरकड़ा तहसील सितारगंज जिला ऊधमसिंह नगर ने सतर्कता अधिष्ठान में शिकायती की थी कि उसके द्वारा वर्ष 2014-15 में नानकमत्ता डिग्री कालेज से लेकर मेन रोड तक निर्माण कार्य कराया गया था। जिसके शेष राशि का भुगतान करने की एवज में लोनिवि निर्माण खंड खटीमा के सहायक अभियंता चंद्र सिंह रौतेला ने 55 हजार रुपये रिश्वत की मांग की है।
इस शिकायती पत्र पर कार्रवाई करते हुए सतर्कता सेक्टर हल्द्वानी की ट्रैप टीम ने चन्द्र सिंह रौतेला को 55 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। ट्रैप टीम ने आरोपी के खिलाफ धारा 7/13 (1) डी सपठित धारा 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय पेश किया।
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मामले में सतर्कता अधिष्ठान की अभियोजन अधिकारी दीपारानी ने पैरवी की। शुक्रवार को अपर सेशन न्यायाधीश हल्द्वानी नीलम रात्रा की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने तत्कालीन सहायक अभियंता चन्द्र सिंह रौतेला को भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा सात के तहत तीन वर्ष के कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
इसके अलावा न्यायालय ने अभियुक्त को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 / 13 (1) डी सपठित धारा 13 (2) के तहत पाँच वर्ष का कठोर कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।