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PM Uttarakhand Visit: पांच सवालों से जानिए, धार्मिक यात्रा के जरिए कैसे चीन को चुनौती दे गए पीएम मोदी

Fri, 13 Oct 2023 12:40 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, नैनीताल

सार

पीएम नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को उत्तराखंड दौरे पर रहें। उनकी यह यात्रा ना केवल कुमाऊं बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण रही। अपनी यात्रा के माध्यम से पीएम मोदी ने कई संदेश दिए। चीन-नेपाल को स्पष्ट कर दिया कि यह नया भारत है।
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पीएम नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चीन की सीमा से महज 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आदि कैलाश की यात्रा करने वाले पीएम नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री हैं। बृहस्पतिवार को उनकी यह यात्रा ना केवल कुमाऊं बल्कि सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण रही। 

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अपनी यात्रा के माध्यम से पीएम मोदी ने कई संदेश दिए। चीन-नेपाल को स्पष्ट कर दिया कि यह नया भारत है। यह भारत न किसी से डरता है न किसी को डराता है। अपनी धार्मिक यात्रा के जरिये मोदी खासतौर पर चीन को चुनौती दे गए। पांच सवालों के जरिये जानिए देश के प्रधानमंत्री ने चीन के गले तक पहुंचने के लिए कैसे बनाया पूरा प्लान? उस प्लान पर अब आगे कैसे शुरू होगा काम, जिससे न केवल मानसखंड का विकास होगा बल्कि चीन और नेपाल सीमा तक भारत की क्षमता में भी दिनों दिन इजाफा होगा...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदि कैलाश की यात्रा क्यों की ?

  • कोरोना के बाद से कैलाश मानसरोवर यात्रा बंद है। इसके कारण सीमांत के गांवों के लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। पीएम की यात्रा के बाद तय है कि आदि कैलाश यात्रा को लेकर देशवासियों और विदेशी पर्यटकों में भी उत्साह बढ़ेगा जिसके बाद नए सिरे से आर्थिक गतिविधियां शुरू होंगी।  
  • पीएम के आने से क्या कुमाऊं में धार्मिक पयर्टन को बढ़ावा मिलेगा?
  • जी हां, जिस तरह से मोदी ने केदारनाथ, काशी विश्वनाथ और महाकाल के मंदिरों का विकास किया। उसके बाद शिव धाम में धार्मिककि पर्यटन में इजाफा हुआ। उसी तरह अब उम्मीद की जा रही है कि आदि कैलाश और जागेश्वर धाम के आसपास सड़कें और संसाधनों में इजाफा करने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी। 

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प्रधानमंत्री की यात्रा से क्या पहाड़ पर पलायन रुक जाएगा ?

  • मोदी की इस यात्रा के बाद माना जा रहा है कि सीमांत गांवों में विकास के पंख लगेंगे और धार्मिक और साहसिक पर्यटन  बढ़ेगा। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। खासतौर पर होमस्टे और होटल की गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे पलायन रुकेगा और रोजगार की तलाश में बाहर गए लोग भी वापस आने के लिए प्रेरित होंगे। इससे सीमा पर भारत की स्थिति और मजबूत होगी।


भारतीय सेना को पीएम मोदी ने किस तरह का दया संदेश? 

  • पीएम मोदी हर साल त्योहार जवानों के साथ मनाते आए हैं, जिसका मकसद जवानों का हौसला बढ़ाना होता है। इस बार भी पीएम ठीक त्योहार से पहले अपनी धार्मिक यात्रा पर आए लेकिन जवानाें से मुलाकात करना नहीं भूले। उन्होंने अर्द्धसैनिक बल के जवानों की भी कुशलक्षेम पूछी।


सामरिक दृष्टि से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह यात्रा कितनी महत्वपूर्ण है? 
सामरिक दृष्टि से मोदी की यह यात्रा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। इस यात्रा के जरिये पीएम ने अपने पड़ोसी देश चीन को जहां संदेश देने की कोशिश की है कि हम न किसी से डरते हैं वहीं नेपाल को संदेश दिया है कि न हम किसी को डराते हैं। यहां पर नेपाल और चीन की ओर से अक्सर विवाद की खबरें आती रहती हैं। इस यात्रा से चीन की सीमा तक विकास होगा? हर तरह के संसाधन विकसित होंगे। मोदी की इस यात्रा के बाद सड़क से लेकर हर तरह के विकास कार्य तेज होंगे।

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