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पांच एमएलडी का सीवर ट्रीटमेंट टैंक ढहा

Tue, 05 May 2015 01:43 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
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झील संरक्षण परियोजना के तहत हुए कार्यों की गुणवत्ता सवालों के घेरे में है। सोमवार को खुर्पाताल बाईपास के पास स्थित पांच एमएलडी क्षमता का सीवर ट्रीटमेंट टैंक ढह गया। सीवर के तेज बहाव से नीचे कार्य कर रहे दस नेपाली मजदूर बमुश्किल बचे। यह सीवर समीप के गांवों के प्राकृतिक पेयजल स्रोत में घुल गया है। जिससे क्षेत्र में पेयजल संकट गहरा गया है।
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2003 से शुरू नैनीताल झील संरक्षण परियोजना के तहत नगर में जल निगम की ओर से 10.84 करोड़ से कई कार्य कराए गए। 2009 में नगर के सीवर की रूसी और इससे लगे गांवों में हो रही निकासी के ट्रीटमेंट की पहल हुई। ताकि ट्रीटमेंट के बाद पानी को सिंचाई के प्रयोग में लाया जा सके। 2009-10 में पांच एमएलडी क्षमता के दो ट्रीटमेंट टैंक बनाए गए। एक रूसी गांव के ठीक ऊपर है, जबकि दूसरा 11 किमी दूर खुर्पाताल बाईपास मार्ग के पास है। इनमें प्रत्येक में 20 वर्ग मीटर के तीन बैड बनाए गए हैं। सोमवार दोपहर लगभग 12 बजे टैंक ढह गया। बता दें कि टैंक स्थल के ठीक नीचे सौलिया, जमीरा गांव हैं। जहां 60 परिवारों में लगभग 500 ग्रामीण रहते हैं।

...सीवर त्रासदी का हो जाते शिकार  
नैनीताल। टैंक से निकासी के लिए यहां नाली का निर्माण हो रहा है। इसमें 10 नेपाली मजदूर कार्य कर रहे हैं। लगभग एक माह पूर्व मजदूरी के लिए आए शक्ति बहादुर, गोरखा, खड़क, जीवन, शेर, करन बहादुर का कहना है कि वह नेपाल में आए भूकंप से तो बच गए, लेकिन जरा सी देर होती तो सीवर त्रासदी का शिकार हो जाते।
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रूसी भी मौत के मुहाने पर
नैनीताल। सौलिया और जमीरा गांव के ऊपर स्थित टैंक ढहने से रूसी, मल्ला, तल्ला और धार के लगभग 70 परिवारों के 600 से अधिक लोग सकते में आ गए हैं। क्षेत्र के तरुण बिष्ट, नीरज गैलाकोटी, किशन गिरी, सुनील मेहरा, जीवन, विजय बिष्ट, अंबा जोशी, बच्ची और पूरन का कहना है कि सौलिया और जमीरा गांव तो टैंक से कुछ दूरी पर हैं। हालांकि घटना के बाद पेयजल स्रोत प्रदूषित हो गए हैं, लेकिन यदि रूसी गांव के ऊपर स्थित इतनी ही क्षमता का टैंक फटता तो बड़ा हादसा हो सकता है। बेलुवाखान के ग्राम प्रधान हिमांशु पांडे ने कहा कि प्रकरण को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।

भूकंप हो सकती है वजह
नैनीताल। जल निगम के एई पीसी जोशी का कहना है कि उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण किया। आशंका है कि नेपाल और यहां आए भूकंप में इसका कुछ हिस्सा धंस गया होगा, जिसके बाद आज यह घटना घटी। हालांकि जांच के बाद ही वास्तविकता का पता चलेगा।
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-मामले में जिला प्रशासन गंभीर है। वाकये की निर्माण से लेकर अब तक के हर पहलू की जांच की जाएगी। दोषी को कतई बख्शा नहीं जाएगा। - दीपक रावत, जिलाधिकारी
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