फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पागल कुत्ते के काटने से पांच पशुओं की मौत

विज्ञापन
मल्लीसठी में कुत्तों को रैबीज का इंजेक्शन लगाते पशुपालन विभाग के डॉक्टर। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : BHIMTAL
विज्ञापन
बेतालघाट (नैनीताल)। क्षेत्र के मल्लीसेटी में हफ्ते भर के अंदर पागल कुत्ते के काटने से पांच जानवरों की मौत हो गई और 22 पशुओं की हालत गंभीर बनी हुई है। गुस्साए लोगों ने पागल कुत्ते को क्षेत्र से बाहर कर मार डाला। सूचना पर पशुपालन विभाग की टीम ने क्षेत्र में पहुंचकर पालतू जानवरों को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई।
विज्ञापन

मल्लीसेटी क्षेत्र में पागल कुत्ते के काटने से ग्रामीण लक्ष्मण सिंह भंडारी के बैल, नवीन चंद्र की भैंस और दो अन्य ग्रामीणों के तीन पशु मर गए। इसके अलावा कृपाल सिंह, महेंद्र राम, रीठा राम के जानवर कुत्ते के काटने के बाद से बीमार हैं। बीमार जानवरों की हालत गंभीर बनी हुई है।
ब्लॉक के पशु चिकित्साधिकारी हरजीत सिंह ने बताया कि उन सभी पशुओं को एंटी रेबीज वैक्सीन लगाई गई, जिन्हें पागल कुत्ते ने काटा था। ग्रामीणों से बीमार पशुओं पर नजर रखने को कहा है। इसके अलावा मरे और बीमार पशुओं के संपर्क में आने वाले ग्रामीणों से डॉक्टर की सलाह लेने की अपील की है। इधर स्थानीय लोगों ने कहा कि पागल कुत्ते के आतंक से क्षेत्रवासी बेहद परेशान थे। इसके बाद कुत्ते को क्षेत्र से बाहर ले जाकर मार डाला। टीम में डॉ. ललित कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन

छह साल में लावारिस कुत्तों ने 6558 लोगों को काटा
नैनीताल। नैनीताल में लावारिस कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मुख्य सड़कों के साथ गलियों और बाजार में झुंड में जमा रहने वाले कुत्ते राहगीरों और सैलानियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। नगर में औसतन पांच लोग कुत्तों के काटने पर अस्पताल पहुंचते हैं। पिछले छह साल में नैनीताल में लावारिस कुत्ते 6558 लोगों को काट चुके हैं। आवारा कुत्तों के आतंक की रोकथाम की कार्रवाई महज बधियाकरण तक सिमट कर रह गई है। बीडी पांडे अस्पताल के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2015-16 में 839, वर्ष 2016-17 में 990, वर्ष 2017-18 में 1222, वर्ष 2018-19 में 1480, वर्ष 2019-20 में 1227 और वर्ष 2020-21 में आठ सौ से अधिक लोगों को लावारिस कुत्ते काट चुके हैं।
पागल कुत्ते के लक्षण
रेबीज से प्रभावित कुत्ता बुखार की चपेट में आ जाता है। कुत्ते को भूख लगना बंद हो जाती है। चार से छह हफ्ते में रेबीज वायरस कुत्ते के दिमाग पर अटैक करता है। उसके बाद कुत्ते के मुख से झाग निकलने लगता है। वह दिनभर जोर-जोर से भौंकता रहता है। वह किसी को भी काट लेता है। अगर पागल कुत्ता काट ले तो जल्द से जल्द एंटी रेबीज टीका लगवा लेना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें