हल्द्वानी। कोतवाली परिसर में मौजूद वाहनों में सोमवार की दोपहर आग लगने से अफरातफरी मच गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया। इस दौरान तीन वाहन जलकर नष्ट हो गए।
दोपहर अचानक थाने में खड़ी एक कार में आग लगने की सूचना पर थाना प्रभारी मनोज रतूड़ी सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचती, आग ने तीन वाहनों को आगोश में ले लिया था। कोतवाल मनोज रतूड़ी ने बताया कि दो वाहनों ने आग पकड़ी थी। घटना के कारणों की पुलिस छानबीन कर रही है। अनुमान लगाया जा रहा है कि वेल्डिंग की चिंगारी से आग लगी होगी।
पुरुष आग बुझने में जुटे रहे और महिलाएं गेहूं काटने में
हल्द्वानी। रानीबाग क्षेत्र के अमृतपुर, सूड़ी, बेलगढ़ और चंदादेवी के जंगल पूरी तरह आग की भेंट चढ़ गए हैं। दो दिनों से इन जंगलों में आग लगी है। दो दिन से ग्रामीण आग बुझाने में जुटे हैं। सुबह लगी भीषण आग किसानों के खेतों तक पहुंच गई। खेतों को बचाने के लिए महिलाएं, पुरुष और बच्चे जुट गए। पुरुषों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया और महिलाओं ने खेतों में पहुंचकर गेहूं की कटाई शुरू कर दी। आग को बुझाने में गांव के कमल पलड़िया, भुवन पलड़िया, जगदीश पलड़िया, सुरेश पलड़िया, भावना पलड़िया, प्रेमा पलड़िया, शांति पलड़िया, मंजू पलड़िया, नंदी देवी, खष्टी पलड़िया, पुष्पा पलड़िया, गीता पलड़िया, खुशी पलड़िया आदि ने सहयोग किया।
ये जुटे हैं आग बुझाने में
मोहन चंद्र पलड़िया: सामाजिक कार्यकर्ता हैं। दो दिन से ग्रामीणों को साथ लेकर आग बुझाने का प्रयास करते रहे।
गोविंद पलड़िया: विद्यार्थी हैं और अभी सेना के लिए चुने गए हैं। दो दिन से आग बुझाने में सहयोग कर रहे हैं।
सोनू पलड़िया: सेना से सेवानिवृत्त हैं और खेती किसानी करते हैं। ग्रामीणों के साथ मोर्चे पर डटे हुए हैं।
पंकज पलड़िया: काश्तकार हैं। भुट्टे के सीजन में सड़क किनारे भुट्टे भूनकर बेचते हैं। वह आग बुझाने में सहयोग कर रहे हैं।