2013 में नेशनल अवॉर्ड मिलने के बाद वह दिल्ली से सीधे रिजॉर्ट आए थे। वह पिछले डेढ़ साल से बीमारी के कारण रिजॉर्ट नहीं आ पा रहे थे।
त्रिपाठी ने बताया कि
तीन दिन पहले फोन पर उनसे बात हुई थी। उन्होंने बताया कि इरफान की अब रिजॉर्ट में एक निशानी रह गई है जो एक कचनार का पेड़ है। यह पेड़ उन्होंने नेशनल अवॉर्ड मिलने पर लगाया था।