पत्नी लॉकडाउन से पहले चकरपुर ससुराल गई और वह वहीं फंसी रह गई। पत्नी से पता चला कि मां से संपर्क नहीं हो पा रहा है, तो चिंतित भूपेंद्र ने रुद्रपुर में काम करने वाले चंपावत जिले के एक और व्यक्ति पीतांबर जोशी के साथ 23 अप्रैल को पैदल ही पहाड़ की ओर रुख कर दिया।
भूपेंद्र बताता है कि रास्ते में दो जगह पूछताछ हुई, लेकिन गुजारिश करने पर रहम खाकर उन्हें आगे बढ़ने दिया गया। बनबसा और सिन्याड़ी में दो रात काटने के बाद 25 अप्रैल को चंपावत पहुंचने वाले थे कि नौ किमी. पहले बनलेख में दबोच लिए गए। स्क्रीनिंग के बाद पीतांबर को होम क्वारंटीन और भूपेंद्र को राहत शिविर भेज दिया गया।
भूपेंद्र बताता है कि मां देवकी देवी (68) बीमार है। घर में कोई नहीं होने से वह अकेली है। मोबाइल सिग्नल ठीक नहीं होने से मां की सेहत को लेकर बात भी नहीं हो पाई है।
राहत शिविर में रह रहे अन्य मजदूर कहते हैं कि भूपेंद्र बार-बार मां की सेहत को लेकर परेशान रहता है और इसका जिक्र करता है।
अपनी व्यथा को वह शिविर में आने वाले कई लोगों से भी कह चुका है। इधर, डीएम सुरेंद्र नारायण पांडेय का कहना है कि मामले को देखा जाएगा। जो भी उचित होगा, किया जाएगा।