हल्द्वानी। भारतीय खाद्य निगम ने खुले बाजार में 10 हजार क्विंटल गेहूं देने से मना कर दिया है। इससे मिलों का दो करोड़ रुपया फंस गया है। साथ ही बाजार में आटे का संकट भी खड़ा हो गया है।
बीते दिनों जिला प्रशासन ने खाद्य नागरिक आपूर्ति, पूर्ति विभाग और आटा मिल प्रबंधकों के साथ बैठक की, जिसमें मिलों से गेहूं की डिमांड मांगी गई थी। साथ ही गेहूं के एवज में पैसा जमा करने को कहा था। कुमाऊं की 10 मिलों ने 26 हजार क्विंटल गेहूं की डिमांड देकर पैसा जमा कर दिया।
उधर एफसीआई ने मात्र आटा मिलों को 10 हजार क्विंटल गेहूं देने के लिए हामी दी। इससे कई मिलों का बजट गड़बड़ा गया। आटा मिल मालिकों का आरोप है कि पैसा जमा करने के बाद भी उन्हें गेहूं उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है।
एफसीआई ने 10 हजार क्विंटल गेहूं ही दिया है। मिलों ने 26 हजार क्विंटल का करीब दो करोड़ रुपया जमा कर दिया था। एफसीआई से मिला गेहूं बराबर-बराबर आटा मिलों को दिया जा रहा है। बाकी बचा पैसा मिलों को वापस कर दिया जाएगा। -वेद प्रकाश धूलिया उपसंभागीय विपणन अधिकारी खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले