नवंबर में बारिश नहीं होने से किसानों के माथे पर चिंता के बादल मंडरा रहे हैं। रबी की फसलों की बुआई के लिए बारिश की जरूरत रहती है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल बारिश के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में रबी की फसलों का उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका है।
वर्तमान में गेहूं, जौं, मसूर, लाई, सरसों, तुरई आदि की बुआई का समय चल रहा है। प्रदेश में फसल चक्र के अनुसार सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत क्षेत्रफल में गेहूं बोया जाता है। इसके बाद दूसरे नंबर पर धान (26 प्रतिशत) का नंबर आता है। कृषि विभाग के 2022 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में नौ लाख 70 हजार के करीब पंजीकृत किसान हैं।
मुख्य कृषि अधिकारी विकेश यादव के अनुसार औसतन रबी के सीजन में पांच से 10 मिलीमीटर बारिश हो जाए तो फसल को नमी मिल जाती है। 15 से 20 दिन के भीतर बारिश नहीं हुई तो फसलों का उत्पादन प्रभावित होगा।
नवंबर में बारिश कम ही रहती है। कम से कम तीन से छह मिलीमीटर (एमएम) बारिश होती थी। इस बार भी नवंबर में बारिश नहीं हुई है। अगले पांच-छह दिन तक बारिश के आसार नहीं है। 27 और 28 नवंबर को प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना बन सकती है।
-विक्रम सिंह, निदेशक मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून
बारिश हो जाती तो बहुत अच्छा होता और गेहूं की बुआई का आधार बन जाता। इन दिनों में खेतों में नमी नहीं है। दिन में तेज धूप और रात को अचानक ठंड होना पौधों के लिए नुकसानदायक साबित होगा।
-नरेंद्र सिंह प्रगतिशील किसान गौलापार
इस समय खेतों में पानी की जरूरत है। बारिश न होने से खेतों में सूखापन आया है। बारिश होती तो खेती को पर्याप्त पानी मिलता है। गेहूं, लाई, मटर, टमाटर की फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी।
-नीरज रैक्वाल, किसान गौलापार
नैनीताल जिले नवंबर में हुई बारिश का आंकड़ा
वर्ष माह बारिश
2018 नवंबर 15.7
2019 नवंबर 25.9
2020 नवंबर 0.0
2021 नवंबर 0.0
2022 नवंबर 0
2023 नवंबर 2.7
नोट-बारिश मिलीमीटर में