हल्द्वानी। किसानों को सीधे सरकारी योजनाओं से जोड़ने व काश्तकारों की पहचान को डिजिटल रूप देने की पहल शुरू हो गई है। इसके लिए शुक्रवार को कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से कुमाऊं मंडल के कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। अपर सचिव कृषि रंजना राजगुरू इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुईं।
राजस्व परिषद के उप निदेशक सुरेश चंद्र सिंह केंद्र सरकार के प्रतिनिधि चिन्मय मेहता व सलाहकार हर्षद पटेल ने एग्रीस्टेक योजना के तहत काश्तकारों की डिजिटल आईडी तैयार करने के लिए फार्मर रजिस्ट्री का प्रशिक्षण दिया। कहा कि इसके लिए काश्तकारों का एक डाटाबेस बनेगा। इसमें पंजीकरण के बाद किसानों को एक यूनिक डिजिटल पहचान मिलेगी जो ई-केवाईसी और फील्ड वेरिफिकेशन के बाद जनरेट होगी।
बताया कि पंजीकरण के बाद किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से आर्थिक सहायता प्रदान करने, योजनाओं का समय से लाभ देने, आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल उपकरणों की जानकारी, आपदा राहत, कृषि अनुदान, फसल ऋण व बीमा योजनाओं से लाभ मिलेगा। प्रशिक्षण में डीएम ललित मोहन रयाल, एसडीएम राहुल साह, एडीएम शैलेंद्र नेगी, अपर आयुक्त जीवन सिंह नगन्याल, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु टम्टा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे। माई सिटी रिपोर्टर