कालाढूंगी। यहां धनपुर गांव में एक किसान ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के वक्त किसान घर पर अकेला था। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। घटना का कारण डिप्रेशन बताया जा रहा है।
एसओ दिनेश नाथ महंत ने बताया कि हरि सिंह (50) पुत्र जोगेंद्र सिंह निवासी धनपुर ने रविवार शाम करीब सवा चार बजे घर के बाहर कुर्सी पर बैठे-बैठे अपनी लाइसेंसी बंदूक से कनपट्टी में दाहिनी ओर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। फायरिंग की आवाज सुनकर पास में खेत पर काम कर रही पत्नी सुखविंदर कौर मौके पर पहुंची।
पति का लहूलुहान शव पड़ा देख वह अवाक रह गई और उसकी चीखपुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बैलपड़ाव पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामे के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही बंदूक को कब्जे में ले लिया।
लंबे समय से डिप्रेशन में थे हरि सिंह
कालाढूंगी/रामनगर (नैनीताल)। खुद को गोली मारकर जान देने वाले हरि सिंह क्षेत्र के सम्मानित किसानों में आते थे। बताया जाता है कि इकलौते बेटे के जेल में बंद होने से वह पिछले तीन महीने से डिप्रेशन में चल रहे थे। बेटे को जेल से बाहर लाने के लिए काफी परेशान चल रहे थे।
बीडीसी सदस्य अनिल कंबोज ने बताया कि किसान हरि सिंह का बेटा हरमनजीत सिंह एक मामले में तीन-चार महीने से जेल में बंद है। बेटे को दोषमुक्त कराने के लिए वह लगातार भागदौड़ कर रहे थे। संपन्न परिवार से होने के चलते मामले को निपटाने के लिए उनसे जमीन और 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। इसे लेकर वह डिप्रेशन में थे और इसी कारण उन्होंने यह कदम उठाया होगा। उनके अचानक इस तरह चले जाने से गांव का हर व्यक्ति दुखी है।
पॉक्सो में जेल में बंद है बेटा
एसओ दिनेश नाथ महंत ने बताया कि कुछ माह पहले पॉक्सो और छेड़खानी के मामले में हरि सिंह का बेटा जेल गया है। उन्होंने बताया कि आत्महत्या के मामले में पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। आत्महत्या में प्रयुक्त असलहे को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर सील कर दिया।