नैनीताल। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कोर्ट में सोमवार को फुल कोर्ट रिफ्रेंस आयोजित कर स्थानांतरित कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलिमठ को भावभीनी विदाई दी गई। इससे पहले उनके सम्मान में बार में भी कार्यक्रम आयोजित किया गया।
न्यायमूर्ति मलिमठ का तबादला हिमाचल हाईकोर्ट में हुआ है। विदाई समारोह में वरिष्ठ न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया, महाधिवक्ता एसएन बाबुलकर, हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पूरन सिंह बिष्ट ने कहा कि न्यायमूर्ति मलिमठ ने हाईकोर्ट के सीनियर जज और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रहते हुए अपनी कार्यप्रणाली से काफी प्रभावित किया। कोरोना काल में घोषित लॉकडाउन में न्यायिक कार्यों के संचालन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पर्यावरण संरक्षण के संबंध में जारी हाईकोर्ट नियमावली को हमेशा याद रखा जाएगा।
जस्टिस सुधांशु धूलिया ने कहा कि दस माह के कार्यकाल में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने चार हजार छह सौ से अधिक मामलों का निपटारा किया। उन्होंने कोर्ट में नियुक्त न्यायमित्रों की फीस में बढ़ोतरी और इतने कम समय में बहुत से परिवर्तन किए। जस्टिस धूलिया ने उनके अच्छे स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। न्यायमूर्ति रवि मलिमठ ने कहा कि उत्तराखंड हाईकोर्ट के कार्यकाल को वह हमेशा याद रखेंगे। उन्होंने न्यायाधीशों, बार एसोसिएशन, न्यायिक अधिकारियों और स्टाफ द्वारा दिए गए सहयोग के प्रति आभार जताया।
कार्यक्रम का संचालन रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी ने किया। विदाई समारोह में न्यायमूर्ति लोकपाल सिंह, न्यायमूर्ति मनोज तिवारी, न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा, न्यायमूर्ति एनएस धानिक, न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे, न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी, न्यायमूर्ति आलोक वर्मा, जीएस संधू, राकेश थपलियाल, जयर्वधन कांडपाल, अमर शुक्ला, बीएम पिंगल, अनिल मेर, टीए खान, जेएस विक्र, विनोद जैमिनी, सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, न्यायिक अधिकारी आदि मौजूद थे।