रामनगर (नैनीताल)। अस्पताल से फर्जी कोरोना रिपोर्ट बनाने के मामले में पुलिस अब फर्जी रिपोर्ट बनाने वालों की हैंड राइटिंग की जांच एक्सपर्ट से कराएगी ताकि पता लग सके कि आखिर रिपोर्ट बनाने वालों में कौन-कौन शामिल हैं। पुलिस भी मान रही है कि लैब कर्मचारी अकेले इतना बड़ा फर्जीवाड़ा नहीं कर सकता है।
सेना भर्ती में जाने वाले अभ्यर्थियों को फर्जी कोरोना निगेटिव रिपोर्ट देने का मामला सोमवार को उजागर हुआ था। इस फर्जीवाड़े का पता चलते ही अस्पताल प्रशासन और नोडल कोविड ऑफिस के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। वर्तमान में कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने वाला लैब कर्मचारी प्रशांत बधूरी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इस मामले की जांच कर रहे एसआई मनोज नयाल ने अस्पताल के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं।
साथ ही प्रबंधन के भी बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस मान रही है कि इतने बड़े फर्जीवाड़े को लैब कर्मचारी अकेले नहीं कर सकता। इसमें उसके साथ कई कर्मचारियों के शामिल होने का अंदेशा है। पुलिस लगातार इस मामले में जांच कर रही है कि आखिर इतना बड़ा फर्जीवाड़ा कैसे हो रहा था और किसके इशारे पर फर्जीवाड़ा हो रहा था। कोतवाल अबुल कलाम ने बताया कि कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने का मामला गंभीर है। ऐसे में इस प्रकरण की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। पुलिस कोरोना की फर्जी रिपोर्ट बनाने वालों की हैंड राइटिंग की जांच एक्सपर्ट से कराएगी। इसमें जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।