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एमबीपीजी कॉलेज में ईमेल से आए पेपर, फोटोकॉपी कराकर कराईं परीक्षाएं

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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। कुमाऊं विश्वविद्यालय स्नातक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षाएं कराने के लिए प्रश्नपत्र तक नहीं छपवा पा रहा है। एमबीपीजी कॉलेज समेत दूसरे महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र ईमेल से भेजे जा रहे हैं और महाविद्यालय प्रश्नपत्रों की फोटोस्टेट करवाकर छात्रों को बांट रहे हैं, तब जाकर परीक्षाएं हो पा रही हैं। छपे हुए प्रश्नपत्र क्यों नहीं भेजे जा रहे, इसका जवाब किसी के पास नहीं है।
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इन दिनों कुमाऊं विश्वविद्यालय द्वारा मुख्य परीक्षा देने से वंचित बीए, बीकॉम और बीएससी प्रथम वर्ष के छात्रों के अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर की सेमेस्टर परीक्षाओं के साथ ही बैक के पेपर कराए जा रहे हैं। एमबीपीजी कॉलेज में बृहस्पतिवार को पहली पाली में सुबह दस बजे से स्नातक के अलावा एमएससी चतुर्थ सेमेस्टर गणित और वनस्पति विज्ञान का पेपर भी था, लेकिन परीक्षा शुरू होने के समय तक प्रश्नपत्र नहीं आए थे। दस बजे के बाद इन दोनों विषयों के प्रश्नपत्र कॉलेज को ईमेल के माध्यम से मिले, तब कॉलेज प्रशासन ने प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी कराकर उन्हें परीक्षा कक्षों में बंटवाया। करीब साढ़े दस बजे परीक्षा प्रारंभ हो पाई। इसी तरह दोपहर दो बजे से दूसरी पाली में एमए चतुर्थ सेमेस्टर अर्थशास्त्र और समाजशास्त्र विषय के प्रश्नपत्र भी कुमाऊं विवि ने ईमेल से भेजे। इन दोनों विषयों के प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी करवाकर परीक्षार्थियों को बांटा गया। इसके अलावा बीए प्रथम वर्ष और बीए द्वितीय एवं तृतीय वर्ष की राजनीति विज्ञान विषय की परीक्षा के दौरान भी यही हुआ, इन दोनों के विषयों के सील पैकेट पर प्रश्नपत्रों की संख्या 100-100 लिखी थी मगर अंदर प्रश्नपत्र मात्र 20-20 ही निकले। इस पर प्रश्नपत्रों की फोटोकॉपी करानी पड़ी। इस संबंध में प्राचार्य डॉ. बीआर पंत का कहना है कि प्रश्नपत्रों के देरी से आने एवं छपे हुए प्रश्नपत्र न भेजने से आ रही दिक्कतों के संबंध में कुमाऊं विश्वविद्यालय को लिखा गया है।
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