जिलाधिकारी दीपक रावत ने कहा कि लालकुआं से काठगोदाम तक (वाया गौलापार बाईपास) सड़क चौड़ीकरण में बाधक बनने वाला अतिक्रमण तोड़ा जाएगा। चौड़ीकरण की जद में आने वाले 17 गांवों की जमीनों का सर्वे पूरा हो चुका है। एनएचएआई के अधिकारियों को अतिक्रमण चिन्हित करने, चौड़ीकरण की जद में आने वाले पेड़ और भवनों को मूल्यांकन करने के निर्देश दे दिए हैं। 15 दिनों के भीतर मूल्यांकन पूरा होने के बाद मुआवजा बांटा जाएगा।
रामपुर से काठगोदाम तक एनएच का चौड़ीकरण होना है। नैनीताल जिले में लालकुआं से इसकी सीमा लगती है। जिलाधिकारी दीपक कुमार के मुताबिक लालकुआं से काठगोदाम तक चौड़ीकरण में 17 गांव आ रहे हैं। इन गांवों की 33.9140 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण होनी है। राजस्व विभाग ने संबंधित गांवों के सर्किल रेट के आधार पर अधिग्रहण होने वाली भूमि का मूल्यांकन कर लिया है। अब एनएचएआई के अधिकारियों को सड़क चौड़ीकरण में आने वाले पेड़ और भवनों का मूल्यांकन करना है। अधिकारियों को 15 दिन का समय दिया गया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि चौड़ीकरण के बीच आने वाले अतिक्रमण को तोड़ा जाएगा। अतिक्रमण चिन्हित करने के निर्देश भी दे दिए हैं। अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं तोड़े जाने पर प्रशासन खुद अतिक्रमण तोड़ेगा और उसे तोड़ने का खर्च भी अतिक्रमणकारी से वसूलेगा।