क्षेत्रीय पूर्ति कार्यालय के जर्जर भवन का कौन सा हिस्सा कब धराशायी हो जाए, कुछ नहीं पता। दफ्तर के कमरों की दीवारों पर दरारें पड़ने के साथ ही लिंटर भी जगह - जगह से गिरने को तैयार है।
इस कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारियों और राशनकार्ड के कार्य से आने वाले लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। अगर किसी समय हादसा हुआ तो कई लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं लेकिन प्रशासन इसको लेकर गंभीर नहीं है।
पूर्ति विभाग का बरेली रोड पर क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारी का कार्यालय किराये के भवन में वर्ष 1978 से चल रहा है। कार्यालय का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि इसकी दीवारों में दरारें पड़ने के साथ ही लिंटर का प्लास्टर भी जगह - जगह से उखड़ कर गिर रहा है।
शहर में करीब 65 हजार राशनकार्ड धारक हैं। इसलिए रोजाना इस दफ्तर में बड़ी संख्या में राशनकार्ड की समस्या को लेकर लोगों का आना जाना रहता है।
इसके बावजूद इस दफ्तर का बुरा हाल है। जर्जर भवन में दफ्तर होने के बावजूद कार्यालय में न तो लोगों के बैठने के लिए फर्निचर ही है और कर्मचारियों के बैठने की उचित व्यवस्था।
एआरओ विजय जोशी कहते हैं कि वरिष्ठ अधिकारियों को इस संबंध में अवगत कराया जा चुका है तथा दूसरा भवन तलाशने का काम चल रहा है।