एक तरफ जहां वनकर्मी हाथी गणना में मशगूल हैं, वहीं जंगल में फेंके गए जैविक-अजैविक कचरे को जंगली हाथी खाने को मजबूर हैं। इन सबसे विभाग पूरी तरह बेखबर बना हुआ है।
तराई पूर्व वन प्रभाग के भाखड़ा पुल पार हमेशा जैविक-अजैविक कूड़ा करकट के साथ ही मरे हुए पालतू जानवरों को भी फेंका जाता है, जिसे छोटे-बड़े वन्य जीव खा जाते हैं। पॉलीथिन और अजैविक कचरा खाने से वन्य जीवों को नुकसान हो रहा है।
शनिवार दोपहर वहां फेंके गए कचरे को हाथियों का झुंड खाने में मशगूल था, लेकिन कोई भी जिम्मेदार विभागीय अधिकारी को ये रोड किनारे कचरा खाते हुए नजर नहीं आए।
वहीं, तराई सेंटर के कार्यवाहक डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि यह बहुत गलत है, इससे हाथियों के स्वास्थ्य को नुकसान होना लाजमी है। बहुत से लोग यहां दवाइयां भी डाल देते हैं, इसकी रोकथाम के लिए जल्द ही सीसीटीवी कैमरे से नजर रखने के साथ ही खुफिया टीम भी लगाई जाएगी।