हर्षित को उसके भाई अमित की मौत ने झकझोर दिया है। वह तरह-तरह की बातें कर रहा है। उसकी बात का हर कोई अलग अर्थ निकाल रहा है। बृहस्पतिवार दोपहर पश्चिमी खेड़ा में पेड़ के नीचे खाट डालकर बैठा परिवार अमित को याद कर रहा है। इसी बीच हर्षित ने अचानक से कुछ ऐसे शब्द बोलने शुरू किए जिसने सबकी आंखों में आंसू ला दिए।
बरेली (यूपी) के आमोर गांव निवासी खूबकरण मौर्य करीब 15 साल से गौलापार के पश्चिमी खेड़ा में बंटाईदार का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि वह परिवार के साथ यहीं झोपड़ी में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनका 11 साल का बेटा अमित मौर्य सोमवार दोपहर 12 बजे से लापता था। परिजनों ने काठगोदाम थाने में इसकी जानकारी दी। पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो बच्चा गांव के ही संपन्न परिवार के घर की ओर जाता दिखाई दिया लेकिन वह वहां से लौटता हुआ नहीं नजर आया।
परिजन पड़ोसी के यहां पूछताछ करने गए तो उन्होंने बच्चे को नहीं जानने की बात कही। संदेह होने पर पुलिस ने पड़ोसी परिवार के चार लोगों को हिरासत में ले लिया। काफी तलाश करने के बाद भी सफलता नहीं मिलने पर देर रात सर्च अभियान रोका गया। मंगलवार सुबह फिर तलाश शुरू हुई तो 11 बजे घर से करीब 20 मीटर दूर खेत में गड्ढे से बच्चे का शव बरामद हुआ। हत्या करने के बाद शव को कट्टे में डालकर गड्ढे में दफनाया गया था। लोगों ने कट्टा खोला तो शव बगैर सिर और एक हाथ (दायां) का था।