हाईकोर्ट ने पंजीकरण, लाइसेंस और इंश्योरेंस के बिना ई-रिक्शा चलाने को प्रतिबंधित कर दिया है। साथ ही राज्य सरकार को आदेशित किया कि वह इस संबंध में उपयुक्त प्रचार-प्रसार करे, जिससे किसी भी व्यक्ति को ई-रिक्शा खरीदने से पूर्व नियमों की पूरी जानकारी हो जाए।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। हरिद्वार निवासी श्रीकुमार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि ई-रिक्शा मोटरयान अधिनियम की श्रेणी में आता है।
याची का कहना था कि ई-रिक्शा चालकों का पंजीकरण, परमिट लेना, लाइसेंस और इंश्योरेंस आदि मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत होना अनिवार्य है। पक्षाें की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हाईकोर्ट ने बिना पंजीकरण, लाइसेंस और इंश्योरेंस के ई-रिक्शा चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया।