हल्द्वानी। उत्तराखंड के कुमाऊं और गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में मरीजों को डायलिसिस की सेवा देने के लिए उजाला सिग्नेस सेंट्रल हॉस्पिटल में प्रसिद्ध वरिष्ठ नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. एचएस भंडारी के निर्देशन में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के डायलिसिस तकनीशियनों और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डॉ. भंडारी ने बताया कि करीब 35 से 40 तकनीशियनों को अलग अलग समय के विशेषज्ञों की ओर से प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिसमें डायलिसिस क्या होती है, डायलिसिस रोगियों की डायट, मशीन पार्ट, मरीजों को हैंडल करने के बारे में जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा मशीन के रखरखाव, डायलिसिस के दौरान होने वाली परेशानी, जो स्वस्थ हैं उन्हें कैसे देखना है आदि 13 विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद यह तकनीशियन कुमाऊं, गढ़वाल में जहां डायलिसिस की सुविधा नहीं है वहां सेवा देंगे। जबकि हंस फाउंडेशन पर्वतीय क्षेत्रों में डायलिसिस के मरीजों का नि:शुल्क इलाज करेगा।
बता दें कि जर्मन कंपनी फ्रेसेनियस और उजाला सिग्नेस सेंट्रल हास्पिटल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. भंडारी के सहयोग से उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश से डायलिसिस तकनीशियनों और नर्सिंग स्टाफ को उजाला सिग्नेस में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। रविवार को तकनीशियनों को डायलिसिस मशीन दिखाई गई और मशीन की प्रेक्टिकल ट्रेनिंग भी दी गई।