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Nainital News: नो एंट्री को रौंद रहे बेकाबू डंपर

Thu, 20 Nov 2025 02:39 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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हल्द्वानी। जयपुर के हरमाड़ा क्षेत्र में तीन नवंबर को तेज रफ्तार डंपर ने 13 लोगों की जान ले ली। हादसे में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए। हल्द्वानी की सड़कों पर भी डंपरों और भारी वाहनों की बेलगाम रफ्तार ने लोगों की आवाजाही को जोखिम में डाल दिया है। नो एंट्री के समय में भी दौड़ते ये वाहन न सिर्फ जाम का कारण बन रहे हैं बल्कि हर पल हादसे की आशंका भी बढ़ा रहे हैं। प्रेशर हॉर्न की कानफोड़ू आवाज से लेकर बिना रेडियम पट्टी, ओवरलोड, खराब फिटनेस और सड़क किनारे अवैध पार्किंग... डंपरों की मनमानी का दायरा इतना बढ़ चुका है कि शहर में सुरक्षा नियम महज मजाक बनकर रह गए हैं। जिम्मेदार विभाग इन पर अंकुश लगाने में नाकाम नजर आते हैं।
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-इनसेट
लोगों को डराता है प्रेशर हॉर्न

शहर में जानलेवा बने डंपरों में वाहन चालकों ने ऐसे प्रेशर हार्न लगाए हैं जिनसे निकलने वाल शोर राह चलते लोगों और छोटे वाहन चालकों को डराता है। हाॅर्न की कानफोड़ू आवाज से ध्वनि प्रदूषण तो बढ़ता ही है, ही मरीजों और बुजुर्गों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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वाहनों पर नहीं लगी होती है रेडियम पट्टी
भारी वाहनों के पीछे रेडियम की पट्टी का लगा होना अनिवार्य है। इसके बावजूद शहर में घूमने वाले अधिकतर डंपरों व भारी वाहनों के पीछे रात में दूर से ही चमकने वाली रेडियम की पट्टी नहीं लगी रहती है। इस कारण रात में गाड़ियों को कई बार आगे चल रहा डंपर या ट्रक नजर नहीं आता। ऐसे में आए दिन हादसे होते रहते हैं।
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डंपरों के कारण यहां लगता है सबसे अधिक जाम
शहर के मुख्य मार्गों से लेकर आंतरिक मार्गों में सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक भारी वाहनों की नो इंट्री है। इसके बाद भी यहां नैनीताल रोड, बरेली रोड, कॉल टैक्स रोड, गौलापार रोड में असमय भारी वाहन दौड़ते रहते हैं। इससे इन सड़कों पर जाम लगता है और लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

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रेता बजरी गिराते और धूल उड़ाते दौड़ते हैं
शहर की सड़कों में अंधाधुंध दौड़ने वाले डंपर व भारी वाहनों में से कई ओवरलोड होते हैं। कई चालक मोड़ पर ओवरलोड डंपरों की गति कम नहीं करते हैं। ओवर लोडेड होने के कारण इनमें से रेता व बजरी सड़क पर गिरती रहती है और धूल उड़ती है।
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डंपरों की फिटनेस पर भी उठते हैं सवाल
गौला नदी में खनन से लगे कई डंपर ऐसे हैं जो देखने में तो कंडम नजर आते हैं लेकिन सड़कों पर दौड़ते रहते हैं। ऐसे डंपरों में हेड लाइट और बैक लाइट का न होना एवं नंबर प्लेट का साफ नजर न आना आम बात है। हादसे होने पर चालक कभी मय डंपर के तो कभी वाहन छोड़कर भाग जाते हैं। ऐसे में पुलिस के लिए डंपर स्वामी को तलाशना कठिन हो जाता है।
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सड़क किनारे अवैध पार्किंग
कई चालक अपने डंपरों या भारी वाहनों को सड़क किनारे ही खड़े कर देते हैं। बरेली रोड पर गौजाजाली के आसपास कई जगह, नैनीताल रोड में कॉल टैक्स के आसपास और राजपुरा की ओर कई डंपर सड़क पर एक ही स्थान पर लंबे समय से खड़े हैं। यह न केवल यातायात को बाधित करते हैं बल्कि कई बार हादसे का कारण भी बनते हैं।
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खराब सड़कों पर भी धीमी नहीं होती रफ्तार
डंपर चालकों के लिए खराब सड़कें भी कोई मायने नहीं रखती। सड़क सही हो या फिर गड्डायुक्त। दोनों ही स्थितियों में वाहन चालक डंपर और भारी वाहनों को तेज रफ्तार दौड़ाते हैं। गति सीमा का नियम भी इनके लिए कोई मायने नहीं रखता।

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गौला में पंजीकृत हैं लगभग छह हजार डंपर
गौला नदी हल्द्वानी और आसपास के क्षेत्र की आर्थिकी की रीढ़ है। यहां खनन कार्य में लगभग छह हजार से अधिक डंपर लगे रहते हैं जो परिवहन विभाग में पंजीकृत हैं। यह डंपर रेता, बजरी और पत्थरों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाते हैं।
कोट-
जाम हटाने के लिए रानीबाग के पास यातायात व सीपीयू की तैनाती है। भारी वाहनों को गौलापार की ओर भेजा जाता है। बरेली रोड के अलावा अन्य सड़कों पर जाम लगने के कारणों की जांच कराकर इसका समाधान कराया जाएगा। -जगदीश चंद्र एसपी यातायात हल्द्वानी।
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