हल्द्वानी। मंगलवार को गौला नदी में सिल्ट आने से शीशमहल फिल्टर प्लांट से पेयजल आपूर्ति प्रभावित रही। सिल्ट के कारण पानी को साफ करने में समय अधिक लगा। कई इलाकों में कम दबाव के कारण पानी नहीं पहुंच पाया। नई बस्ती में नलकूप में खराबी आने से पेयजल आपूर्ति ठप रही। राजपुरा, दमुवाढूंगा, इंदिरानगर, कठघरिया, कमोला, साई मंदिर आदि इलाकों में भी हजारों की आबादी को पेयजल संकट का सामना करना पड़ा।
पेयजल संकट से जूझ रहे कुछ इलाकों में जलसंस्थान टैंकरों के जरिये पानी पहुंचा रहा है। मगर लोगों के लिए यह नाकाफी साबित हो रहा है। टैंकरों से पानी लेने के लिए लोगों को काफी जद्दोजहद करनी पड़ रही है। कई इलाकों में जलसंस्थान के टैंकर नहीं पहुंच पाए। लोग टैंकरों का इंतजार करते रहे मगर कोई राहत नहीं मिली।
सामाजिक कार्यकर्ता शाहनवाज मलिक ने बताया कि नई बस्ती क्षेत्र में 25 दिन के भीतर नलकूप दो बार खराब हो गया है। जलसंस्थान को सूचना देने के बावजूद नलकूप को सुधारने के लिए टीम नहीं पहुंची और इलाके में पानी का टैंकर भी नहीं भेजा गया। जल्द नलकूप ठीक नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जल संस्थान के अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्तव ने बताया कि कालाढूंगी क्षेत्र में नलकूप की मोटर सुधारने के लिए टीम गई थी। नई बस्ती क्षेत्र में मंगलवार रात से ट्यूबवेल सुधारने का काम शुरू हो जाएगा। जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा।
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गौला नदी का जलस्तर अधिकतम 555 क्यूसेक रहा
मंगलवार को पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बारिश से गौला नदी का जलस्तर अधिकतम 555 क्यूसेक दर्ज किया गया। गौला बैराज में तैनात सिंचाई विभाग के जेई मनोज तिवारी ने बताया कि सुबह छह बजे नदी का जलस्तर 325 क्यूसेक, आठ बजे 210 क्यूसेक, 10 बजे 525 क्यूसेक और दोपहर 12 बजे 555 क्यूसेक दर्ज किया गया। अपराह्न दो बजे नदी का जलस्तर 325 क्यूसेक और शाम को छह बजे 210 क्यूसेक दर्ज किया गया।