लोगों से बातचीत-
ग्लोबल वार्मिंग और जंगलों के अंधाधुंध दोहन से गौला नदी के स्रोत सूखने लगे हैं। आने वाले समय में जलस्तर और भी घटने लगेगा। पेयजल संकट के हालात शहर को झेलने पड़ सकते हैं।
-केसी तिवारी, स्थानीय बुजुर्ग।
जंगलों की आग से पर्यावरण को हो रहे नुकसान से पानी की कमी होने लगी है। जलस्रोत सूख गए हैं। यदि जंगलों का दोहन होता रहा तो भविष्य में स्थिति और भी भयावह हो सकती है।
- डॉ. सलिल तिवारी, स्थानीय बुजुर्ग।
कॉल टैक्स, आदर्शनगर और बच्चीनगर नलकूप से डिस्चार्ज घटा
गर्मी में भूजल स्तर के घटने और लगातार दोहन से अब नलकूपों के डिस्चार्ज में भी कमी आने लगी है। मंगलवार को बच्चीनगर और कॉलटैक्स के नलकूप से डिस्चार्ज कम रहा जिससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।
गौला का जलस्तर घटकर महज 60 क्यूसेक ही रह गया है। बारिश न होने पर यह स्तर और भी घटने की आशंका है। सिंचाई और पेयजल को लेकर समस्या हो सकती है। -बीसी, नैनवाल, ईई सिंचाई विभाग।