हल्द्वानी। हाल ही में चर्चा का केंद्र रहे एपस्टीन फाइल्स के बारे में ज्यादा जानकारी लेने के लिए लोगों में उत्सुकता है। हल्द्वानी में ही हर दिन 100 से अधिक यूजर इसे गूगल पर सर्च कर रहे हैं। इसके लिए वह एपस्टीन से मिलते-जुलते नाम के साथ क्वेरी भी कर रहे हैं। फाइल को डाउनलोड करने के लिए ई-मेल आईडी मांगी जा रही है। इसके जरिये लिंक भेजकर मोबाइल को क्लोन करने का अंदेशा है।
साइबर विशेषज्ञ सत्यम के अनुसार यह सोची-समझी ‘फिशिंग तकनीक’ हो सकती है। यदि इस फाइल को डाउनलोड करने वाले ऑप्शन में कोई साइबर अपराधी संलिप्त हुआ तो वह मेल पर लिंक भेजेगा। इसे क्लिक करते ही आपके मोबाइल क्लोन हो जाएगा और साइबर अपराधी इसे हैंडल करते हुए आपका बैंक अकाउंट खाली कर सकता है। एक बार एक्सेस मिलने के बाद अपराधी आपके बैंकिंग एप्स और ओटीपी तक पहुंच बना सकता है।
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अलग-अलग की-वर्ड का इस्तेमाल कर रहे लोग
एपस्टीन फाइल्स को हर दिन 100 से 150 लोग सर्च कर रहे हैं। शुक्रवार को 122 लोगों ने सर्च किया। इन फाइल्स से जुड़ी जानकारी के लिए इन 122 लोगों ने अलग-अलग सवाल भी किए। 126 लोगों ने एपस्टीन फाइल्स के बारे में जानकारी के लिए एपस्टीन फाइल्स अमेरिका, एपस्टीन फाइल्स एंड ट्रंप...जैसे विभिन्न की-वर्ड टाइप किए।
कोट:
एपस्टीन फाइल देखने की जिज्ञासा कई तरह से साइबर ठगी के चंगुल में फंसा सकता है। सतर्क रहना होगा। सर्च करने के बाद साइबर अपराधी ऐसे सर्च को निशाना बनाकर संपर्क करते हैं और फिर वित्तीय धोखाधड़ी करते हैं। - सुमित पांडे, सीओ साइबर सेल