प्राइवेट प्रैक्टिस कर रोगी से 350 रुपए फीस लेने के आरोप में काशीपुर के सीएमएस की गिरफ्तारी के विरोध में शनिवार को कुमाऊं भर में सरकारी अस्पतालों में डाक्टरों ने ओपीडी का बहिष्कार कर हड़ताल कर दी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के आह्वान पर डाक्टरों ने सभागार में बैठक की तथा पुलिस के इस रवैये के खिलाफ प्रदर्शन कर आक्रोश जताया। इस मुद्दे को लेकर सोमवार को भी पूरे प्रदेश में हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया है।
काशीपुर के सीएमएस डा. बीसी जोशी को विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार करने की खबर से शनिवार को सरकारी अस्पताल के डाक्टरों में आक्रोश फैल गया। पीएमएस के पदाधिकारियों ने कुमाऊं भर के सभी सरकारी अस्पतालों में कार्य बहिष्कार का आह्वान कर दिया। इस पर अस्पतालों में इमरजेंसी, वीआईपी ड्यूटी और पोस्टमार्टम सेवाओं को छोड़कर ओपीडी बंद हो गई। केवल जो मरीज इमरजेंसी वार्ड में आए उन्हें अटेंड किया गया। इसके उपरांत दोपहर को बेस अस्पताल के सभागार में प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ की बैठक हुई, जिसमें पीएमएस के कुमाऊं मंडल के सचिव डा. प्रदीप पांडेय ने विजिलेंस पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि सीएमएस डा. बीसी जोशी ने प्राइवेट प्रैक्टिस के नाम पर अगर 350 रुपए फीस के रूप में लिए थे तो इसे रिश्वत कैसे माना जा सकता है।
इसमें विजिलेंस को इस तरह कार्रवाई नहीं करनी चाहिए थी। शिकायत पर विभाग जांच कर विभागीय कार्रवाई कर सकता था लेकिन सीएमएस को जेल नहीं भेजा जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रांतीय नेतृत्व के निर्णय पर सोमवार को पूरे प्रदेश में डाक्टरों की हड़ताल जारी रहेगी, केवल इमरजेंसी, पोस्टमार्टम ड्यूटी की जाएगी। पीएमएस के जिला सचिव डा. एलएम रखोलिया ने कहा कि यह रिश्वत नहीं प्रोफेशनल फीस थी जिस पर किसी को अरेस्ट नहीं किया जा सकता। नियमानुसार मरीज को कहीं भी देखने से मना नहीं किया जा सकता।
बैठक में सीएमओ डा. एलएम उप्रेती, प्रमुख अधीक्षक डा. एससी पंत, डा. हरीश त्रिपाठी, डा. बीडी जोशी, डा. हरीश पंत, डा. पीसी पंत, डा. सुधीर कन्याल, डा. मनोज कांडपाल, डा. विपिन पंत, टीडी रखोलिया, डा. नीरज त्रिपाठी, डा. एसएस बिष्ट, डा. एमएस शर्मा आदि डाक्टर मौजूद रहे।
नैनीताल। यहां बीडी पांडे जिला अस्पताल के डाक्टरों ने शनिवार को ओपीडी का बहिष्कार किया। इस दौरान उन्होंने नारेबाजी भी की। डाक्टरों के कार्य बहिष्कार से मरीजों को फजीहत उठानी पड़ी लेकिन आकस्मिक सेवाएं जारी रही। कार्य बहिष्कार के दौरान हुई डाक्टरों की बैठक में सभी ने घटना की निंदा की। प्रांतीय चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डा.जगदीश पाठक की अध्यक्षता और सचिव डा.संजीव खर्कवाल के संचालन में ह्रुई बैठक में प्रभारी पीएमएस डा.आरके कुंवर, डा.अजय नैथानी, डा.एमएस रावत, डा.डीएस नेगी, डा.बीएस नेगी, डा.आरके वर्मा, डा.केएस धामी, डा.बीएस पवार, डा.मोनिका खर्कवाल, डा.मोनिका रावत आदि डाक्टर मौजूद थे। वहीं, डाक्टरों ने ओपीडी के बहिष्कार के दौरान सिर्फ ओपीडी के गंभीर मरीजों को ही देखा।