रामनगर। दो सप्ताह तक बंद रहने के बाद बृहस्पतिवार से कोसी, दाबका नदियों से उपखनिज की निकासी शुरू हो गई है। इसलिए डीएम दीपक रावत ने प्रशासनिक अमले के साथ खनन क्षेत्रों का निरीक्षण किया। कहा कि खनन के जरिये प्रदेश का राजस्व बढ़ाने के लिए भरसक प्रयास किए जाएंगे। अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए संयुक्त टीम बनाकर निरंतर पेट्रोलिंग करें।
रावत ने अधिकारियों से दाबका में 15 से अधिक चोर रास्तों पर अवरोधक लगाने, गहरे गड्ढे खोदने को कहा ताकि उपखनिज की चोरी रुक सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे नदियों में उपलब्ध खनन सामग्री का मूल्यांकन कर लें। बंजारी गेट प्रथम, द्वितीय, कठियापुल गेट, छोई गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाएं। जल्द ही जिले की सभी नदियों में खनन वाहनों में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य होगी।
ऐसी नंबर प्लेट वाले वाहनों को ही खनन के लिए रजिस्टर्ड किया जाएगा। फिलहाल सभी खनन वाहनों का रंग लाल किया जाएगा। डीएम ने दाबका के बैंतखेड़ी क्षेत्र में अवैध रूप से रह रहे श्रमिकों को 48 घंटे में हटाने को कहा। अवैध खनन करने वालों की नामजद रिपोर्ट दर्ज कर नियमानुसार जुर्माना वसूलें। वहां एसडीएम पारितोष वर्मा, तहसीलदार सुंदर सिंह तोमर, सीओ राजेंद्र सिंह हयांकी, उपनिदेशक खनन राजपाल लेघा, क्षेत्रीय प्रबंधक जीसी पंत, एसडीओ केएस बिष्ट, डीएलएम एमएस फारुखी, एआरटीओ विमल पांडे आदि थे।