हल्द्वानी। कमिश्नर और डीएम कैंप कार्यालय से कुछ दूरी पर ही स्थित बेस अस्पताल में शुक्रवार सुबह डीएम सविन बंसल ने छापा मारा, तो अस्पताल की ‘बीमारी’ का खुलासा हुआ। छापे में कदम-कदम पर गड़बड़िया मिली। कर्मचारियों की उपस्थिति चेक की गई तो पता चला कि 25 कर्मचारी गायब हैं। डॉक्टर धड़ल्ले से बाहर की दवाएं लिख रहे हैं। मरीजों को मेडिकल स्टोर से दवा खरीदवाने पर डीएम ने डॉ.डीसी भट्ट के खिलाफ प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए। छानबीन में 50 से अधिक ऐसी पर्चियां मिली हैं, जिन पर बाहर से मिलने वाली दवाओं के नाम अंकित थे। इन पर्चियों को स्कैन कर रखने के साथ रोगियों/परिजनों और बयान भी दर्ज किए गए। साथ ही गायब कर्मियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए।
सुबह साढ़े आठ बजे बेस अस्पताल पहुंचे डीएम को अस्पताल में मरीजों की लंबी कतार नजर आई। मरीजों की पर्चियां में डाक्टरों द्वारा जेनेरिक दवाओं के बजाए बाहर से दवा लिखी देख डीएम दंग रह गए। डीएम ने अस्पताल में भर्ती मरीजों व उनके तीमारदारों से व्यवस्थाओं के बाबत पूछताछ की, तो पता चला कि अधिकतर डॉक्टर छोटी-छोटी पर्चियां देकर बाहर की दुकानों से दवाएं खरीदवाते हैं। बताया कि न तो शौचालयों की सफाई होती है और न ही बेड की चादरें बदली जाती हैं। इस पर डीएम ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ.हरीश लाल को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में मरीजों से निजी मेडिकल स्टोराें से दवा खरीदवाई तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने प्रयोगशाला में अनावश्यक व निष्प्रयोज्य सामग्री को हटाने के भी निर्देश दिए। डीएम ने करीब चार घंटे तक अस्पताल का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएमओ डा.भारती राणा, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष कुमार सिंह आदि थे।
यहां गायब मिले अधिकारी-कर्मचारी
हल्द्वानी। अस्पताल में उपनल संविदा कर्मी, संविदा कर्मी (ब्लड बैंक), पैरा मेडिकल संवर्ग, एनएचएम चिकित्सक, संविदा चिकित्साधिकारी, नर्सिंग स्टाफ कर्मचारियों समेत कुल 25 अधिकारी-कर्मचारी ड्यूटी से गायब मिले। इनमें ब्लड बैंक की एक महिला कर्मी पूरे महीने से उपस्थित नहीं हो रही थी, जबकि 30 सफाई कर्मचारियों के उपस्थित पंजिका में हस्ताक्षर नहीं मिले।
सीएमएस को देने पड़े मरीज के सात सौ रुपये
हल्द्वानी। जेनेरिक स्टोर के बजाए बाहर मेडिकल स्टोर की दवा लिखना सीएमएस को भारी पड़ गया है। मरीजों की पर्चियों की जांच के दौरान डीएम को पता चला कि एक मरीज राजीव कुमार ने मेडिकल स्टोर से सात सौ रुपये की दवा खरीदी है। इस पर डीएम के निर्देश पर सीएमएस डा.हरीश लाल को मरीज राजीव कुमार को नकद सात सौ रुपये देने पड़े।
गंदगी मिलने पर दो ठेकेदारों पर 25 हजार जुर्माना
हल्द्वानी। बेस अस्पताल परिसर में गंदगी मिलने पर डीएम ने सफाई ठेकेदार विपिन कांडपाल पर 20 हजार रुपये और अस्पताल की रसोई में गंदगी मिलने पर ठेकेदार सचिन जोशी पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया।
खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए
हल्द्वानी। छापे के दौरान डीएम यह देख दंग रह गए कि जिस रसोईघर में मरीजों के लिए खाना बनता है, उसी के बाहर एक दीवार की आड़ में लोग लघुशंका करते हैं। इस पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को जमकर फटकार लगाई। डीएम के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट व खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने रसोईघर से आटा समेत कई खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए।
तीसरी पर्ची पर नहीं पढ़ा जा सका दवाओं का नाम
हल्द्वानी। अस्पताल में मरीजों को लिखी जाने वाली दवाईयां तीन पर्चियों पर लिखी मिली, मगर तीसरी पर्ची में लिखी हुई दवाओं का नाम साफ नहीं पढ़ा जा सका। औषधि भंडार में कंप्यूटर ऑपरेटर छुट्टी पर मिला और औषधियां पोर्टल पर ऑनलाइन अपडेट नहीं मिली।