मुख्यमंत्री हरीश रावत ने जिला पंचायत नैनीताल के विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों के लिए जिला पंचायत को एक करोड़ रुपये देने के साथ ही ‘मेरा गांव मेरी सड़क’ योजना में विकास कार्यों के लिए पंचायत को कार्यदायी संस्था बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पंचायतें विकास में अहम भूमिका निभाने के साथ विकास कार्यों के लिए सुझाव भी देती हैं।
सर्किट हाउस में सीएम ने कहा कि 14वें वित्त में जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायतों की धनराशि में कटौती कर दी गयी थी। कटौती की कमी पूरी करने के लिए अन्य मदों से धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों और नगर निकाय अपनी परिसंपत्तियों की देखरेख करने के साथ ही उनका व्यवसायिक उपयोग कर आमदनी बढ़ाएं।
छोटे-छोटे कस्बों में बाजार विकसित करें और टैक्स वसूलें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीमल, बिच्छू घास, भांग, रामबांस आदि के रेशे सरकार खरीदेगी। पहाड़ी अनाज अधिक से अधिक उत्पादन किया जाए और विपणन की व्यवस्था सरकार करेंगी।
वित्तमंत्री डा. इंदिरा हृदयेश ने कहा कि पंचायतें विकास की धुरी हैं। स्वास्थ्य के प्रति हमें जागरूक होना चाहिए, ताकि सुदूर ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा सके।
जिला पंचायत सदस्य कृष्णानंद कांडपाल ने ओखलकांडा के अधौड़ा स्वास्थ्य केन्द्र में फार्मेसिस्ट की तैनाती करने, शांति भट्ट ने कालाढूंगी चिकित्सालय में टिटनेस इंजेक्शन उपलब्ध न होने और सुशीला तिवारी चिकित्सालय की व्यवस्था सुधारने, गणेश मेहरा ने खुर्पाताल बजून प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में फार्मेसिस्ट की तैनाती, बेस चिकित्सालय हल्द्वानी में रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग रखी।
सीएमओ डा. एलएम उप्रेती ने कहा कि कुंभ ड्यूटी के बाद पीएचसी अधौड़ा में फार्मेसिस्ट की तैनाती के साथ ही कालाढूंगी पीएचसी में टिटनेस के इंजेक्शन और बेस में रैबीज के इंजेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे। बैठक में सड़क, वन, विद्युत, पेयजल, सिंचाई, समाज कल्याण, कृषि, बाल विकास, शिक्षा, उरेडा पर चर्चा की गई। अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष सुमित्रा प्रसाद ने की।
श्रममंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, संसदीय सचिव सरिता आर्या, हेमेश खर्कवाल, ललित फर्सवाण, आपदा प्रबंधन अध्यक्ष प्रयाग दत्त भट्ट, मोहन गिरी गोस्वामी, खजान पांडे, रेनू जोशी, प्रकाश मेहरा, ब्लाक प्रमुख सतीश नैनवाल, भोला भट्ट समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।