डिजीटल इंडिया के तहत ग्राम पंचायतों को डिजीटलाइजेशन होने के बाद ग्रामीणों को इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। ग्रामीणों को एक छत के नीचे ही सारी सुविधाएं मिलेंगी। हालांकि खटीमा को छोड़कर अभी कहीं काम पूरा नहीं हुआ है। डिजीटलाइजेशन के बाद मूलभूत सुविधाएं राज्य सरकार को मुहैया करानी है। वहीं, नैनीताल जिले के 150 गांव ऐसे हैं, जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है। ऐसे में डिजीटल इंडिया के सपने पर पानी फिर सकता है।
डिजीटल इंडिया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। नैनीताल, यूएस नगर की लगभग सात सौ ग्राम पंचायतों का डिजीटलाइजेशन होना है। बीएसएनएल को ओएफसी (ऑप्टिकल फाइबर केबल) बिछानी है। ओएफसी बिछाने का काम पूरा होने के बाद संबंधित सेंटर पर मॉडम लगेगा। खटीमा को छोड़कर अभी कहीं भी काम पूरा नहीं हुआ है।
ग्राम पंचायतों के डिजीटल होने से ग्रामीणों को विभिन्न प्रमाण पत्रों, तहसील संबंधी काम, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह पर मिल जाएगी। साथ ही इससे लोगों को रोजगार भी मिलेगा। राज्य सरकार को बैठने के लिए कुर्सी-मेज, बिजली की व्यवस्था आदि का इंतजाम करके देना है। साथ ही कंप्यूटर, प्रिंटर और सीपीयू की भी व्यवस्था करनी है। बीएसएनएल 999 रुपये महीने का अनलिमिटेड प्लान देगा। 999 रुपये की राशि सेंटर चलाने वाले व्यक्ति को देनी होगी।
कहां कितनी ग्राम पंचायतें
हल्द्वानी 69, रामनगर 53, बाजपुर 39, जसपुर 43, रुद्रपुर 45, काशीपुर 28, खटीमा 55, बेतालघाट 71, भीमताल 62, धारी 35, कोटाबाग 38, रामगढ़ 76, गदरपुर 43, सितारगंज 56।
कोट
भारत संचार निगम लिमिटेड को सिर्फ केबिल लिंक अप करके देना है। केबिल का काम पूरा होने के बाद बीएसएनएल मोडम उपलब्ध कराएगा। केबिल बिछाने का काम बहुत तेजी से चल रहा है।
- गणेश चंद्रा, महाप्रबंधक, बीएसएनएल।
कोट
स्कूल और पंचायत भवनों में केबल बिछाने के लिए बीएसएनएल से कहा गया है। जिले में 150 गांव ऐसे हैं, जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है। बीएसएनएल को जिला प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा। बीएसएनएल का अभी काम पूरा नहीं हुआ है।
- दीपक रावत, डीएम, नैनीताल।