नैनीताल। डीएसबी परिसर में युवाओं का छात्र राजनीति से मोहभंग हो रहा है। लिंगदोह समिति के नियमों और पढ़ाई पर ज्यादा फोकस होने से छात्रसंघ चुनाव में भाग्य आजमाने वाले प्रत्याशियों की संख्या लगातार घट रही है। डीएसबी परिसर की स्थापना के बाद यह पहला मौका होगा जब छात्रसंघ की कार्यकारिणाी में कोषाध्यक्ष का पद रिक्त रहेगा। विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।
कुमाऊं विश्वविद्यालय के डीएसबी परिसर की स्थापना वर्ष 1973 में हुई थी। तब डीएसबी परिसर नैनीताल और एसएसजे परिसर अल्मोड़ा थे। बीते वर्षों में अल्मोड़ा विवि बनने से एसएसजे अल्मोड़ा कुमाऊं विश्वविद्यालय से अलग हो गया। गौर करने वाली बात है कि आज होने वाले छात्रसंघ चुनाव में संकाय प्रतिनिधि के पद पर नामांकन के लिए उम्मीदवार ही नहीं मिला। पिछले छह सालों में हुए छात्रसंघ चुनाव में हर बार प्रत्याशियों की संख्या गिरी है। साल 2019 में 19, साल 2022 में 17 और 2023 में 16 प्रत्याशियों के नामांकन वैध पाए गए हैं।
क्या हैं लिंगदोह समिति की सिफारिश
- प्रत्याशी बनने की योग्यता स्नातक छात्र के लिए 22 वर्ष, स्नातकोत्तर के लिए 25 वर्ष और शोध छात्र के लिए उम्र 28 वर्ष होनी चाहिए।
- प्रत्याशी के लिए कक्षाओं में न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य।
- आपराधिक रिकॉर्ड, मुकदमा, सजा या अनुशासनात्मक कार्रवाई वाला छात्र प्रत्याशी योग्य नहीं।
- प्रत्याशी विश्वविद्यालय या कॉलेज का नियमित छात्र हो।
- चुनाव में अधिकतम एक प्रत्याशी पांच हजार रुपया खर्च करे।
- व्यय या दूसरे नियमों के उल्लंघन पर चुनाव निरस्त।
- मुद्रित पोस्टर, पंफलेट या प्रचार सामग्री के प्रयोग की अनुमति नहीं।
- प्रचार के लिए लाउडस्पीकर, वाहन और जानवरों का प्रयोग प्रतिबंधित है।