नैनीताल में नैनीझील की सफाई करते पालिका कर्मचारी। संवाद
नैनीताल। बारिश ने नैनीझील की सफाई व्यवस्था की पोल खोल दी है। शनिवार रात हुई बारिश के बाद झील के मुहानों पर मलबा, प्लास्टिक और गंदगी जमा हो गई। बरसात से पूर्व नालों की सफाई का नियम है लेकिन इस वर्ष यह पहल शुरू नहीं हुई है। पर्यटकों समेत स्थानीय लोगों ने नैनीझील पर ध्यान नहीं देने पर तमाम सवाल उठाए।
पालिकाध्यक्ष सरस्वती खेतवाल के निर्देश पर रविवार सुबह पालिका की टीम ने झील की सफाई शुरू की। पालिकाध्यक्ष खेतवाल ने मौके पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने सिंचाई विभाग पर नालों की सफाई न करने का आरोप लगाया। खेतवाल ने कहा कि इसी कारण गंदगी झील में पहुंचती है। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन और सिंचाई विभाग से कैचपिट की सफाई और नालों के मुहानों पर जालियां लगाने के लिए पत्राचार करेंगी।
नालों की सफाई के लिए नियुक्त 16 कर्मचारी सफाई कार्य में लगे हुए हैं। कैचपिट की सफाई की जा रही है। बसावट वाले क्षेत्रों में घर-घर कूड़ा उठान न होने, जंगलों व नालों के किनारे गंदगी होने आदि कारणों से बरसात में नालों के माध्यम से गंदगी झील तक पहुंच रही है।
नीरज तिवारी, अवर अभियंता, सिंचाई विभाग