हल्द्वानी। मानसून के रफ्तार पकड़ने के साथ ही गर्मी से राहत तो मिली है लेकिन जलभराव समेत अन्य दुश्वारियों ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को दो घंटे की झमाझम बारिश से शहर में जगह-जगह जलभराव हो गया। बरेली रोड पर गौजाजाली में नहर में कचरा भरने से पानी हाईवे के साथ ही वार्ड-60 की गलियों में घुस गया। सूचना पर वार्ड पार्षद के साथ ही नगर निगम और यूयूएसडीए के अधिकारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन की मदद से नहर की सफाई कराई गई। इसके बाद पानी की निकासी हो पाई और आसपास के लोगों को राहत मिली।
शहर में बुधवार को सुबह से हो रही बारिश के बीच नैनीताल रोड तिकोनिया के पास सड़क पानी से लबालब हो गई। ड्रेनेज व्यवस्था दुरुस्त न होने के कारण चौराहे पर बने कांप्लेक्स के बेसमेंट में बरसाती पानी घुस गया। इससे स्थानीय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आंवला चौकी क्षेत्र में खेतों में पानी भरने से मुसीबत खड़ी हो गई। कालटैक्स काठगोदाम में भी बारिश का पानी नालियों के इतर सड़क पर बहता रहा। इस बीच आसपास की छह से अधिक दुकानों में पानी घुस गया। यहां सीवरेज कार्य के चलते निकासी प्रभावित हो रही है।
बरेली रोड पर बिजली पोलों से खतरा
बरेली रोड हाईवे पर हो रहे चौड़ीकरण कार्य के दौरान पुरानी आईटीआई के पास लगे ट्रांसफार्मर के दो पोलों से खतरा बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद पोल के नीचे की जमीन खोखली हो गई है। यूपीसीएल के अधिकारियों को इसकी सूचना पहले ही दे दी थी लेकिन अब तक सुधार कार्य नहीं हुआ है।
उजाला नगर में घरों में पानी घुसने से आफत
उजाला नगर क्षेत्र में बारिश के पानी ने जनजीवन पटरी से उतर गया। आलम यह था कि सड़क पर इतना पानी बह रहा था कि राहगीरों का चलना दूभर हो गया। एक फीट तक जलभराव के कारण लोग घरों में कैद रहने के लिए मजबूर रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार उजाला नगर नाले पर अतिक्रमण के कारण बरसाती पानी की निकासी सालों से बाधित है। मानसून की दूसरी बारिश में ही लोगों के घरों में पानी घुस गया।
अफसरों ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
बारिश के बाद जलभराव की सूचना पर सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी और नगर आयुक्त परितोष वर्मा ने टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। आंवला चौकी, कालटैक्स, तिकोनिया, उजालानगर क्षेत्र का अधिकारियों ने जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि गौजाजाली में नहर के नीचे से ड्रेनेज वाला पाइप छोटा लगाने से कचरा जमा हो गया। यही कारण था कि नहर का पानी सड़क पर बहता रहा।