नैनीताल। अंजुमन इस्लामियां, नागरिक एकता मंच, नैनीताल पीपुल्स फोरम समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोगों ने मंगलवार को काले फीते बांधकर सरोवर नगरी में नागरिकता संशोधन अधिनियम एवं राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में मौन जुलूस निकाला और एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। मौन जुलूस का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया गया।
मौन जुलूस से पहले मल्लीताल स्थित पंत पार्क में हुई संक्षिप्त सभा में वरिष्ठ पत्रकार राजीव लोचन साह एवं कैलाश जोशी ने नागरिकता संशोधन अधिनियम को समाज को बांटने वाला और भाईचारे को खत्म करने वाला बताया। कहा कि यदि यह अधिनियम वापस नहीं हुआ तो लोगों को अपने कामकाज छोड़कर एक बार फिर से रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के लिए कई दिनों तक लाइन में लगना होगा और नागरिकता सिद्ध न होने पर उन्हें डिटेंशन शिविरों में भेज दिया जाएगा। इस दौरान भारत के संविधान का प्रस्तावना भी पढ़कर सुनाया गया।
संक्षिप्त सभा के बाद दोपहर बारह बजे मल्लीताल पंत पार्क से मौन जुलूस निकाला गया जो माल रोड होते हुए तल्लीताल स्थित आंबेडकर पार्क पहुंचा। यहां फिर से भारत के संविधान की प्रस्तावना को पढ़ा गया। बाद में जुलूस तल्लीताल गांधी चौक पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया। तत्पश्चात हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सैय्यद नदीम मून, अधिवक्ता मोहम्मद मतलूब ने राष्ट्रपति को भेजे जाने वाले ज्ञापनों को पढ़ा और दोनों ज्ञापन एसडीएम को सौंपे गए।
चप्पे-चप्पे पर मौजूद रही पुलिस फोर्स
विभिन्न संगठनों की ओर से प्रस्तावित मौन जुलूस को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से सरोवर नगरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। मल्लीताल स्थित पंत पार्क, माल रोड पर अलग-अलग स्थानों पर और तल्लीताल क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। यही नहीं पुलिस ने पूरे कार्यक्रम की वीडियो रिकार्डिंग एवं फोटोग्राफी भी की। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक राजीव मोहन, कोतवाल अशोक कुमार आदि मौजूद थे।
ये लोग रहे शामिल
मौन जुलूस में पालिकाध्यक्ष सचिन नेगी, डॉ.रमेश पांडे, खष्टी बिष्ट, पूर्व विधायक सरिता आर्य, पूर्व दर्जा मंत्री रईस अहमद, गोपाल सिंह बिष्ट, अरुण कुमार, गीता पांडे, प्रो. अनिल बिष्ट, मो. अतहर, नाजिम बक्श, डॉ. कैलाश तिवारी, सभासद गजाला कमाल, पुष्कर सिंह बोरा, राजू टांक, सुरेश चंद्र, विनोद पांडे, धीरज बिष्ट, कैलाश अधिकारी, डॉ. शबनम, सदर अंजुमन मो. फारुख सिद्दीकी, मो. मतलूब, जमाल सिद्दीकी, अजमत अली, अब्दुल अजीज, अब्दुल सत्तार, गयासुद्दीन, शहनवाज सिद्दीकी, केसर आलम, दिलशाद हुसैन, आबिद हुसैन, सुहेल शम्सी, जाकिर हुसैन, शान अहमद, साजिद, सुखबीर बिष्ट, अतीक हुसैन, मो. असलम, निसार अहमद, मो. कय्यूम, जीशान सिद्दीकी, जमीर अहमद, अनवर वेग, अंजुमन इस्लामिया के अध्यक्ष मोहम्मद फारुख, लेखक जान्ह्वी प्रसाद, रुक्मिणी पांडे, प्रो.पीसी चनियाल, रंगकर्मी जहूर आलम, शान अहमद, भाकपा माले के राजा बहुगुणा, शान अख्तर, अजय कुमार, भारती जोशी, मुन्नी तिवारी, प्रदीप पांडे, कैलाश पांडे, राजेंद्र व्यास, अब्दुल रजाक, नाजिम बख्श, सैय्यद नदीम मून, डा. शबनम आदि शामिल थे।