कैंची धाम में पुलिस से वाहनों को जाने देने के लिए बात करते श्रद्धालु।
भवाली/भीमताल (नैनीताल)। पर्यटन सीजन के बीच बृहस्पतिवार को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ परिवार के साथ बृहस्पतिवार को कैंची धाम पहुंचे थे। उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम के चलते सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक सड़क पर यातायात पूरी तरह बंद होने के चलते स्कूली बच्चों, सैलानियों, श्रद्धालुओं, व्यापारियों के साथ कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
वीवीआईपी कार्यक्रम के चलते पुलिस और जिला प्रशासन की ओर से पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। रानीबाग, भीमताल, भवाली, कैंची, खैरना और गरमपानी से आवाजाही करने वाले यात्री और सैलानी वीवीआईपी कार्यक्रम के खत्म होने तक जाम में फंसे रहे। कैंची धाम में दूसरे राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं के वाहनों की आवाजाही नहीं होने देने से श्रद्धालु भी गर्मी में परेशान दिखे। श्रद्धालु पुलिस कर्मियों और अधिकारियों से उनके वाहनों को कैंची धाम से निकलने की अनुमति देने की मांग करते रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं की पुलिस कर्मियों के साथ बहस भी हुई लेकिन पुलिस कर्मी वीवीआईपी कार्यक्रम होने के चलते वाहनों की आवाजाही सुचारू नहीं करने की बात कहते रहे। इस पर श्रद्धालुओं को अपने वाहनों, पार्किंग और दुकानों में बैठकर वीवीआईपी कार्यक्रम खत्म होने का इंतजार करना पड़ा। सुबह 11.30 बजे बाद मार्ग पर यातायात सुचारू होने से श्रद्धालुओं ने राहत की सांस ली। लखनऊ से कैंची धाम आए संतोष सिंह, प्रेरणा सिंह ने कहा कि पर्यटन सीजन में वीवीआईपी लोगों को मंदिर और पर्यटन स्थलों पर कार्यक्रम से बचना चाहिए। भीमताल में भी बहुत से अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं ले जा पाए। इससे अभिभावक नाराज दिखे। साथ ही सैलानी भी झील में बोटिंग और अन्य गतिविधियां नहीं कर पाए। स्थानीय व्यापारियों ने कहा कि वीवीआईपी कार्यक्रम के चलते पर्यटन कारोबार प्रभावित रहा।