आजाद मंच की ओर से आयोजित बैठक में चर्चा करते जागरूक लोग। संवाद
नैनीताल। शहर की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और पर्यावरणीय संतुलन को बचाने के उद्देश्य से स्थानीय नागरिकों ने ''''''''नैनीताल बचाओ : संवाद और सुझाव'''''''' बैठक आयोजित की। वक्ताओं ने कहा कि नैनीताल में विकास के नाम पर लगातार हो रहे अनावश्यक निर्माण शहर की मूल पहचान को प्रभावित कर रहे हैं। विशेष रूप से झील किनारे बनाए जा रहे कंक्रीट ढांचे और हट्स को लेकर सवाल उठाए गए।
वक्ताओं ने कहा कि यदि स्थानीय लोग छोटे निर्माण करते हैं तो उन पर कार्रवाई की जाती है, जबकि सरकारी स्तर पर उन्हीं क्षेत्रों में निर्माण कार्यों को सौंदर्यीकरण नाम से दिया जा रहा है।लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि नैनीताल का विकास पर्यावरणीय मानकों और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप होना चाहिए। शहर की प्राकृतिक विरासत से समझौता किए बिना विकास की योजनाएं बनाई जाएं और स्थानीय लोगों की राय को प्राथमिकता दी जाए। निर्णय लिया गया कि तैयार सुझावों और मांगों को प्रशासन के समक्ष रखा जाएगा। बैठक में नयना देवी व्यापार मंडल अध्यक्ष पुनीत टंडन, सभासद गजाला कमाल, मनोज जगाती, खुर्शीद हुसैन, अदिति खुराना, सुमित खन्ना सहित अनेक स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।