नैनीताल। पढ़ाई और कॅरिअर की चिंता से किशोरों में चिंता व अवसाद बढ़ रहा है। बीडी पांडे अस्पताल में रोजाना 15 से 20 मरीज ऐसे आ रहे हैं। इनमें से आधे से अधिक किशोर शामिल हैं। इनकी संख्या आठ से 10 तक होती है। बीडी पांडे अस्पताल की मनोचिकित्सक गरिमा कांडपाल ने बताया कि अस्पताल में 2024 में एक साल में करीब 3000 मरीज आए थे जिन्हें चिंता (एंजायटी), अवसाद (डिप्रेशन) और तनाव था। उनमें से कुछ लोग तो ऐसे थे जिन्हें पता ही नहीं था कि वह इस बीमारी से जूझ रहे हैं।
कुछ लोगों को दवाइयां देनी पड़ती हैं तो कुछ काउंसलिंग से ही ठीक हो जाते हैं। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल ऐसे मरीजों में पांच से 10 फीसदी की वृद्धि हुई है।