रामनगर (नैनीताल)। एक युवक सरकारी अस्पताल में मंगलवार रात अपनी बेटी ढाई साल की बच्ची को दिखाने के लिए पहुंचा। आरोप है कि डॉक्टर ने उसे देखने से इंकार कर दिया, जब विरोध किया तो उन्होंने हंगामा करते हुए अस्पताल से भगा दिया। इसके बाद युवक मासूम बच्ची को लेकर कोतवाली पहुंचा और तहरीर दी। इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची, तब जाकर डॉक्टर ने बच्ची का इलाज किया। स्थिति सामान्य होने के बाद युवक ने तहरीर पर ही समझौता नामा लिख दिया।
पुलिस के अनुसार बंबाघेर निवासी सौरभ शर्मा की बेटी को उल्टी हो रही थी। इस पर सौरभ और उनकी पत्नी प्रीति शर्मा सरकारी अस्पताल में रात नौ बजे पहुंचे। इमरजेंसी में तैनात डॉ. अर्जुन कुमार को उन्होंने बेटी के बारे में बताया। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना देखे ही पर्ची पर दवाई लिख कर दे दी। इस पर युवक ने डॉक्टर से गुहार लगाई कि वह मासूम बेटी को एक बार देख तो ले, लेकिन डॉक्टर ने उसे देखने से इंकार कर दिया। इसके बाद डॉक्टर ने दंपती को धमकी देकर भगा दिया।
मासूम की हालत को देख दंपती रात में ही कोतवाली पहुंचे और उन्होंने एसआई नितिन बहुगुणा को तहरीर दी। इस पर उनके साथ सिपाही अस्पताल पहुंचे। सौरभ शर्मा ने कहा कि पुलिस को देख डॉक्टर ने माफी मांगते हुए उनकी बेटी का उपचार किया। इसके बाद दंपती ने डॉक्टर की ओर से माफी मांगने पर कोतवाली में जाकर समझौता नामा लिखकर दिया।
दूसरी ओर अस्पताल के प्रबंधक डॉ. अनमोल ठाकुर ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। इस तरह मरीज और उनके तीमारदारों के साथ हुए व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।