हल्द्वानी। डेंगू का प्रकोप को लेकर स्वास्थ्य महकमा संजीदा नहीं है। बेस अस्पताल में एलाइजा पॉजिटिव डेंगू के 70 मरीज है और स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में महज 37 ही दिखाए गए हैं। अब विभाग मामले की पड़ताल की बात कह रहा है।
बेस अस्पताल में सौ बेड हैं। हालत यह हो गई है कि एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखा गया है। बेस अस्पताल में 139 मरीज बुखार और डेंगू के भर्ती हैं। सुशीला तिवारी अस्पताल में बुखार और डेंगू के 120 मरीज भर्ती हैं। एसटीएच में डेंगू के एलाइजा पॉजिटिव 18 मरीज भर्ती हैं। निजी अस्पताल में बुखार और डेंगू के मरीज प्रतिदिन आ रहे हैं। एसटीएच में मेडिसिन विभाग में सामान्य दिनों में ओपीडी में दो सौ से ढाई सौ मरीज आते हैं। इस समय प्रतिदिन साढ़े चार सौ से साढ़े पांच सौ मरीज ओपीडी में आ रहे हैं। अभी तक डेंगू के 654 मरीज आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार निजी अस्पतालों में 14 मरीज डेंगू के भर्ती हैं।
रिपोर्ट बनाना भूला स्वास्थ्य विभाग
हल्द्वानी। डेंगू अभी तक छह लोगों की जान ले चुका है और प्रतिदिन नए केस सामने आ रहे हैं। डेंगू के बढ़ते प्रकोप के बावजूद भी स्वास्थ्य विभाग इसे गंभीरता से नहीं ले रहा है। रविवार को अवकाश था तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी आराम की मुद्रा में आ गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से डेंगू को लेकर कोई रिपोर्ट जारी नहीं की गई। संबंधित कर्मियों से संपर्क करने पर जवाब मिला कि अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है जैसे ही रिपोर्ट आएगी भेजी जाएगी। आखिरकार रिपोर्ट नहीं भेजी गई।
कोट
रविवार को रिपोर्ट क्यों नहीं आई इस मामले मेें जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। अवकाश होने के बाद भी मैं कार्यालय में मौजूद थी। बेस अस्पताल की ओर से सुबह एलाइजा पॉजिटिव 70 मरीज बताए गए थे। शाम को 37 की रिपोर्ट दी गई। पूछा जाएगा कि ऐसा क्यों किया गया।
डॉ. भारती राणा सीएमओ, नैनीताल
=
इनसेट
पूर्व सीएम ने डेंगू मरीजों की कुशलक्षेम पूछी
हल्द्वानी। पूर्व सीएम और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचकर डेंगू मरीजों की कुशलक्षेम पूछी। रावत ने एसटीएच में मरीजों के लिए की गई व्यवस्था पर संतोष जताया।
कमिश्नर बोले, डेंगू से नहीं हुई है अब तक एक भी मौत
माई सिटी रिपोर्टर
नैनीताल। मुख्यमंत्री के सचिव एवं मंडलायुक्त राजीव रौतेला का कहना है कि जिले में अब तक डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। उनका कहना है कि जिन दो महिलाओं की मौत हुई थी, लेकिन उनकी मौत का कारण भी डेंगू नहीं था। कमिश्नर ने यह जरूर स्वीकार किया कि इस बार हल्द्वानी और ऊधमसिंह नगर के कुछ क्षेत्रों में डेंगू का प्रकोप पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक है। उन्होंने कहा कि 589 मरीज रिपोर्ट हुए थे, इनमें से 506 ठीक होकर घर जा चुके हैं।
एटीआई में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आयुक्त ने कहा कि सुशीला तिवारी अस्पताल और बेस अस्पताल में मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। आयुक्त से पूछा गया कि अब तक डेंगू से छह लोगों की मौत हो चुकी है और छह सौ से अधिक लोग पीड़ित हैं। इस पर आयुक्त ने डेंगू से हुई मौतों को खारिज करते हुए कहा कि अब तक दो महिलाओं की मौत हुई है, लेकिन उनकी मौत का कारण भी डेंगू नहीं है। वार्ता के दौरान नगर निगम के मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला आदि थे।
फॉगिंग कराने के साथ ही दिन में दो बार कूड़ा उठवाएं
नैनीताल। मुख्यमंत्री के सचिव एवं मंडलायुक्त राजीव रौतेला ने नैनीताल और ऊधमसिंह नगर के अधिकारियों को डेंगू समेत अन्य संक्रामक बीमारियों के प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह नियमित रूप से डेंगू प्रभावित क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी युद्ध स्तर पर फॉगिंग कराएं और दिन में दो बार कूड़ा उठवाएं।
एटीआई सभागार में हुई बैठक में रौतेला ने स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ता एवं एएनएम से घर-घर जाकर लोगों डेंगू, मलेरिया तथा वायरल बुखार के लक्षण एवं बचाव की जानकारी देने, घरों में मौजूद कूलर, पुराने टायर, पानी से भरे गमले आदि में डेंगू लार्वा की खोज कर उन्हें नष्ट करने को कहा। सीएमओ डॉ. भारती राणा ने बताया कि अब तक 589 एलाइजा पॉजिटिव मिले थे, जिनमें से 506 मरीज ठीक हो चुके हैं। बैठक में मेयर डॉ. जोगेंदर पाल सिह रौतेला, डीएम सविन बंसल आदि थे।
पहाड़ पर तैनात फिजिशियन की बेस में ड्यूटी लगाने के निर्देश
नैनीताल। आयुक्त ने निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य डॉ. आरती ढौडियाल को निर्देश दिए कि वह डेंगू की स्थिति को देखते हुए मंडल के पर्वतीय जिलों में कार्यरत फिजिशियनों को रोस्टर के अनुसार बेस चिकित्सालय में विशेष ड्यूटी के लिए संबद्ध करें।