नैनीताल की मालरोड को नो हॉर्न जोन घोषित किए जाने के तीन दिनों के भीतर ही इस फैसले का विरोध शुरू हो गया है, जिसमें सोशल मीडिया पर लोग इसे अव्यवहारिक बता रहे हैं और विधायक ने भी डीएम से मुलाकात कर आदेश पर पुनर्विचार व वापसी की मांग उठाई है।
नैनीताल शहर की मालरोड को नो हॉर्न जोन घोषित किए जाने के तीन दिन बाद ही इस निर्णय का विरोध तेज होने लगा है। सोशल मीडिया पर कई लोग इसे अव्यवहारिक बताते हुए अपनी नाराजगी जता रहे हैं। इसी बीच नैनीताल विधायक सरिता आर्य ने भी जिलाधिकारी से मुलाकात कर हॉर्न प्रतिबंध के आदेश पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग उठाई है।
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सोमवार को विधायक सरिता आर्य भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल से मिलीं और उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि लोअर मालरोड पर रोकथाम कार्य चलने के कारण वर्तमान में पूरा यातायात अपर मालरोड से संचालित हो रहा है, जिससे मार्ग पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है। विधायक ने कहा कि बड़ी संख्या में पैदल यात्री मोबाइल फोन पर बातचीत करते हुए या इयरफोन लगाकर चलते हैं। ऐसी स्थिति में यदि वाहन चालक हॉर्न का उपयोग नहीं कर पाएंगे तो दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ सकती है।
उन्होंने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में मालरोड पर हॉर्न का पूर्ण प्रतिबंध व्यावहारिक नहीं है और जनहित को ध्यान में रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए। ज्ञापन सौंपने के दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष दयाकिशन पोखरिया, मंडल अध्यक्ष नितिन कार्की, भारत मेहरा सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।