लालकुआं। बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम घोषित किए जाने की मांग को लेकर सोमवार को जिलास्तरीय वन अधिकार समिति के पदाधिकारियों ने विधायक डॉ. मोहन बिष्ट से उनके आवास पर मिले। उन्होंने विधायक से क्षेत्र को जल्द से जल्द राजस्व ग्राम घोषित करने की मांग की।
समिति के सदस्यों ने विधायक को बताया कि एफआरए के तहत देशभर में 1,664 और उत्तराखंड में छह गांवों को राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया। आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार इन गांवों के लिए वन भूमि के अनारक्षण या केंद्रीय वन मंत्रालय की अनुमति नहीं ली गई लेकिन बिंदुखत्ता के मामले में जिलास्तरीय वन अधिकार समिति की ओर से इसे राजस्व ग्राम घोषित किए जाने के बावजूद वन विभाग को अनारक्षण के लिए पत्र भेजना एफआरए 2006 का उल्लंघन और बिंदुखत्ता के साथ अन्याय है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र के साथ यह अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक ने कहा कि बिंदुखत्ता को राजस्व ग्राम बनाने की प्रक्रिया गतिमान है। इस मुद्दे को वह जल्द ही मुख्यमंत्री और राज्य सचिव के समक्ष उठाकर मांग को पूरा कराएंगे। प्रतिनिधिमंडल में भाजपा मंडल अध्यक्ष जगदीश पंत, पूर्व अध्यक्ष कुंदन चुफाल, भरत नेगी, दीपक जोशी, युवा मोर्चा अध्यक्ष मनीष बोरा, वन अधिकार समिति अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी, सचिव भुवन भट्ट, सदस्य उमेश भट्ट, चंचल कोरंगा, पप्पू कोश्यारी, संरक्षक बलवंत बिष्ट आदि थे। संवाद