रामनगर (नैनीताल)। फार्मासिस्ट प्रियंका की हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस की एक टीम ने बृहस्पतिवार रामनगर पहुंचकर आरोपी के रिश्तेदारों एवं घर पर दबिश दी। पुलिस टीम को आरोपी तो नहीं मिला, लेकिन पुलिस कुछ अहम सुराग लेकर दिल्ली लौट गई है। दूसरी ओर, रामपुर पुलिस ने अब तक हुई जांच पड़ताल एवं सुबूत दिल्ली पुलिस को सौंपे हैं। अब इस मामले की छानबीन दिल्ली पुलिस ही करेगी। परिजनों ने इस मामले में दिल्ली में मुकदमा दर्ज कराया था।
गंगोत्री विहार गली नंबर दो निवासी दूध कारोबारी खुशाल सिंह की 23 वर्षीय बेटी प्रियंका अधिकारी दिल्ली रोहिणी स्थित सरोज अस्पताल में फार्मासिस्ट थी। पांच फरवरी को प्रियंका कमरे से लापता हो गई थी। परिजनों ने सात फरवरी को दिल्ली के आंबेडकर नगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इससे एक दिन पूर्व छह फरवरी को युवती का शव रामपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मिला था, जिसे पुलिस ने तब लावारिस समझकर जला दिया था। जिस युवक पर हत्या का आरोप है, वह दूर के रिश्ते में मामा लगता है।
प्रियंका के पिता खुशाल सिंह ने बताया कि गत बुधवार को रामपुर के सिविल लाइन थाने में बेटी प्रियंका के कपड़ों से उन्होंने उसकी शिनाख्त की। इस दौरान दिल्ली पुलिस की टीम भी वहां पहुंची थी। दिल्ली पुलिस को रामपुर पुलिस ने अब तक की गई जांच पड़ताल एवं सुबूत के अलावा सीसीटीवी फुटेज भी दे दिए। आरोपी की गिरफ्तारी एवं वारदात का खुलासा दिल्ली पुलिस ही करेगी, क्योंकि वहीं सबसे पहले गुमशुदगी दर्ज हुई थी। प्रियंका के पिता ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली पुलिस रामनगर पहुंची। पुलिस टीम ने ढेला में आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ की। साथ ही आरोपी के गांव में भी पुलिस टीम ने दबिश दी है।
सीसीटीवी फुटेज में दो कारों में सवार थे चार युवक
प्रियंका के पिता खुशाल सिंह ने बताया कि रामपुर पुलिस को दो कारों में चार युवकों की फुटेज मिली है, जिसमें चारों युवकों ने हॉस्पिटल की ड्रेस पहनी थी। उनमें प्रियंका का करीबी रिश्तेदार भी था, जिसे पहचान लिया गया है। हत्या के बाद पहचान छिपाने की भी कोशिश की गई थी। दोनों कारों के नंबर को ट्रेस कर लिया गया है और पुलिस जांच में जुटी है। बताया कि आरोपी 13 फरवरी से दिल्ली से गायब है, उसकी लोकेशन नहीं मिल रही है। हत्या के कारणों का पता आरोपी के पकड़े जाने के बाद ही चलेगा।