तराई पश्चिमी वन प्रभाग के चूनाखान ईको टूरिज्म सेंटर के कैंपस में पालतू हथिनी गुलाबों को किंग कोबरा सांप ने काट लिया, जिससे उसकी मौत हो गई। तीन डाक्टरों के पैनल ने गुलाबों के शव का पोस्टमार्टम कर घटना स्थल पर ही उसे दफना दिया।
शुक्रवार दोपहर कैंपस में चर रही हथिनी गुलाबों के मुंह के पास किंग कोबरा सांप ने काट लिया। माना जा रहा है कि हथिनी ने घास के साथ ही सांप को भी लपेट लिया होगा, जिससे हथिनी के मुंह पर सांप के काटने के निशान मिले हैं। महावत रिफाकत अली छोटू ने बताया कि काटने के बाद हथिनी कांपने लगी थी और उसके बाद वह जमीन पर लेट गई, जिसकी खबर उच्चाधिकारियों को दी गई।
इस पर मौके पर पहुंचे डीएफओ राहुल ने बताया कि गुलाबों हथिनी 19 मार्च 2014 को बिना परमिशन के रुद्रपुर की ओर ले जाई जा रही थी, जिसे महावत सहित पकड़ा गया था। कोर्ट ने हथिनी को विभाग के सुपुर्द कर दिया था, जिसे विभाग ने चूनाखान में रखा था। मौत के बाद रामनगर के डा. योगेश अग्रवाल, बैलपड़ाव डा. दिनेश आर्या, बन्नाखेड़ा के डा. राहुल सती के पैनल ने हथिनी का पोस्टमार्टम किया।
उसके बाद हथिनी को वहीं दफना दिया गया। हथिनी की उम्र 65 से 70 वर्ष के बीच बताई जा रही है। इस दौरान आईएफएस ट्रेनी कल्याणी नेगी, एसडीओ जेएस कार्की, एजी अंसारी, जेपी डिमरी सहित विभागीय कर्मचारी मौजूद थे।