नशे के सौदागर पहाड़ के रास्ते चरस की खेप लेकर शहर में आते हैं। चरस की कुछ खेप नेपाल से पिथौरागढ़ और बनबसा के रास्ते आती है, लेकिन अफीम बाराबंकी और बरेली के रास्ते से उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तस्करों द्वारा सप्लाई की जाती है।
जिला पुलिस रिकार्ड के अनुसार हल्द्वानी थाने के उपनिरीक्षक ललित मोहन जोशी ने अप्रैल में लालडांठ बिठौरिया निवासी पूरन सिंह अधिकारी को मंगल पड़ाव में गिरफ्तार कर 700 ग्राम चरस बरामद की थी। इसी प्रकार किच्छा निवासी कुलवीर सिंह कोरंगा से 980 ग्राम चरस बरामद की थी।
गिरफ्तार कुलवीर बागेश्वर का मूल निवासी है। पूछताछ से पता चला कि बरामद चरस महेंद्र नगर (नेपाल) से पिथौरागढ़ के रास्ते से लाई गई थी। पहाड़ से काफी मात्रा में चरस की खेप आती है। इसके पहले उपनिरीक्षक ललित मोहन जोशी ने रुद्रपुर में तैनाती के दौरान दो बार में 10 किलो अफीम बरामद की थी।
ऊधमसिंह नगर में ड्राइवर काफी संख्या में स्मैक का सेवन करते हैं। यहां रामपुर और बरेली से अफीम की खेप आती है। छानबीन से पता चला कि अफीम बाराबंकी के तस्करों द्वारा सप्लाई की जाती है।
उपनिरीक्षक उमराव सिंह ने पिछले दिनों दमुवाढूंगा में प्रशांत नेगी को गिरफ्तार कर 400 ग्राम और रामनगर के भुवन चंद वर्मा के पास से 500 ग्राम चरस पकड़ा था। गिरफ्तार लोगों ने बताया कि वे अल्मोड़ा और बागेश्वर से चरस लेकर आते हैं। इसके पहले मुक्तेश्वर पुलिस ने भी दो सौ ग्राम चरस एक बाइक से बरामद की थी।
हल्द्वानी के शीशमहल काठगोदाम, गांधीनगर, इंदिरा नगर के अलावा ग्रामीण इलाकों के युवक चरस की गिरफ्त में आ गए हैं। रेलवे लाइन के आसपास बच्चे स्मैक पीते हैं। पुलिस की टीमें भी तय बता नहीं सकती है कि कितनी मात्रा में चरस शहर में आती है, लेकिन नशे के काफी संख्या में सौदागर हैं, जो इस धंधे में लिप्त हैं।