हल्द्वानी। माध्यमिक विद्यालयों में सामाजिक चेतना केंद्र खोलने की तैयारी है। इसके तहत विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित बच्चों को खोज रहे हैं। अभी तक जिले में 24025 निरक्षर चिह्नित किए गए हैं। प्रथम चरण में 13500 व्यक्तियों को शिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को अपने क्षेत्र के नोडल के रूप में काम करना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 15 साल या उससे अधिक आयु के सभी व्यक्तियों को पढ़ने और लिखने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर देती है। प्रदेश के सभी जिलों में अब उल्लास कार्यक्रम का आयोजन होना है। इसके लिए शुक्रवार को एमबी इंटर कॉलेज में अभिमुखिकरण कार्यशाला हुई। इसमें हल्द्वानी, कोटाबाग और रामनगर ब्लॉक के स्कूलों के 27 प्रधानाचार्यों ने शिरकत की।
उल्लास कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी पुष्कर लाल टम्टा ने प्रधानाचार्यों को अपने क्षेत्र के सभी निरक्षरों को शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए निर्देशित किया। वहां डायट के प्राचार्य एससी आर्य, रवींद्र तिवारी, डॉ. आरती जैन, डीके पंत, डॉ. राजेश पांडे, डिकर सिंह पडियार आदि थे। संवाद