हल्द्वानी। नगर निगम का क्षेत्र बढ़ा, यहां लगातार शहरीकरण हो रहा है। नए-नए बाजार विकसित हो रहे हैं। अग्निशमन विभाग हल्द्वानी और लालकुआं क्षेत्र में 30 जगह हाईड्रेंट लगाने का प्रस्ताव शासन को भेज चुका है। इसमें चार करोड़ रुपये खर्च होंगे लेकिन शासन से बजट नहीं मिलने के कारण अभी तक हाईड्रेंट का निर्माण नहीं हो पाया है। आगजनी की घटना के बाद जिला प्रशासन से लेकर तमाम विभाग इसको लेकर हरकत में आते हैं लेकिन घटना के दिन बीतने के बाद फिर यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला जाता है।
अग्निशमन विभाग ने हल्द्वानी क्षेत्र में 27 और लालकुआं में तीन फायर हाईड्रेंट लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। सीएफओ गौरव किरार ने बताया कि नरीमन चौराहा, टेड़ी पुलिया, पुराना आवास विकास, पटेल चौक, तिकोनिया चौराहा, नवाबी रोड, अब्दुल्ला बिल्डिंग, पुराना चौराहा, सरगम सीनेमा, कुसुमखेड़ा, ट्रांसपोर्ट नगर, ऊंचापुल, लाइन नंबर 13, इंद्रानगर, लाइन नंबर आठ, हीरानगर, कृष्णा नर्सिंग होम, ब्लॉक ऑफिस, लामाचौड़, अमर उजाला देवलचौड़ के पास, महावीर गंज, फायर स्टेशन के पास, यातयात नगर, विद्युत विभाग यातायात नगर, संजीव ऑटोमोबाइल के पास और लालकुआं में रेलवे ब्रिज, थाने के पास, पंप हाउस ट्यूबवैल के पास में लगाए जाएंगे। इसका प्रस्ताव भेज दिया है।
शहर के 15 हाईड्रेंट के सहारे अग्निशमन विभाग
हल्द्वानी। शहर में हाईड्रेंट की कमी कभी भी किसी बड़े हादसे को दावत दे सकती है। शहर में आगजनी की घटना होने पर वाहनों को पानी के लिए दूर जाना पड़ता है। पुराने शहर में बने 15 हाईड्रेंट के भरोसे अग्निशमन विभाग है। इनसे दूर दुर्घटना होने पर विभाग के दमकल वाहनों को कई किलोमीटर दूर से पानी के लिए दौड़ लगानी पड़ती है।
रविवार रात नवाबी रोड क्षेत्र में हुई घटना के दौरान देखने को मिले। दमकल गाड़ियों को पानी के लिए लगभग दो किमी दूर नैनीताल रोड में जल संस्थान कार्यालय तक दौड़ना पड़ा। अग्निशमन विभाग के पास 42 पद स्वीकृत हैं। यहां अभी 46 फायर फाइटर तैनात हैं। पुराने ढांचे के हिसाब से अग्निशमन विभाग के पास पर्याप्त वाहन उपलब्ध हैं। विभाग के पास एक रेस्क्यू टेंडर की कमी है। सीएफओ गौरव किरार ने बताया कि वाहन के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
संकरी गली, बाजार में अतिक्रमण, आग लगी तो कैसे होगी काबू
हल्द्वानी। प्रशासन अतिक्रमण को लेकर बाजार में अभियान चलाता है। इसके बाद भी व्यापारी सड़क पर कब्जा करने से बाज नहीं आ रहे हैं। वैसे ही हल्द्वानी के बाजार की कई गलियां संकरी हैं। नल बाजार, सदर बाजार, मटर गली, महावीर गंज, साहूकार लाइन और रूई बाजार की गलियों में तो अग्निशमन वाहन नहीं जा सकते हैं। अतिक्रमण के कारण यहां पैदल चलना भी मुश्किल है। बाजार में आग लगी तो बुझाना भी मुश्किल हो जाएगी।
विभागों और कई मॉल में नहीं हैं अग्निशमन उपकरण
हल्द्वानी। अग्निशमन विभाग के अधिकारी मॉल, सरकारी कार्यालय, गोदामों की जांच नहीं कर रहे हैं। कई मॉल, होटल में फायर उपकरण तक नहीं हैं। कईयों ने फायर तक की एनओसी नहीं ली है। जिन विभागों के पास उपकरण हैं भी उन्होंने गोदामों में उसे रखा है जबकि नियमानुसार उन्हें ऐसे स्थान पर टांगना या रखना चाहिए जिससे वहां तुरंत पहुंचा जा सके। या आग लगने पर कोई जानकर उनका प्रयोग कर सके।