पिछले दिनों हुई बेमौसमी बरसात का सेब के उत्पादन पर कोई विशेष असर नहीं पड़ेगा, अलबत्ता जिन क्षेत्रों में ओलावृष्टि हुई है, वहां सेब का उत्पादन 5-10 फीसदी तक प्रभावित होने के आसार हैं।
जिले में रामगढ़ और धारी ब्लाक को फल पट्टी के रूप में पहचान है। यहां आड़ू, पूलम, खुमानी, नाशपाती और सेब की खूब पैदावार होती है। सतबूंगा, लोधगल्ला, सूपी, बना, सुनकिया, धानाचूली, धारी, रामगढ़, हरतोला आदि क्षेत्रों में विशेषकर डेलीसस, राइमर और केडी प्रजाति के सेब का उत्पादन होता है।
आंकड़ों के मुताबिक रामगढ़, ओखलकांडा, धारी और बेतालघाट ब्लाक में कुल 7806 हेक्टेयर में सेब का उत्पादन होता है। इन क्षेत्रों में सालाना करीब 40 हजार मीट्रिक टन सेब पैदा होता है। ज्येष्ठ उद्यान निरीक्षक टीएन पांडे का कहना है कि बेमौसमी बरसात से सेब को कोई नुकसान नहीं हुआ है, अलबत्ता अंधड़ और ओलावृष्टि के चलते सेब की टहनियों को नुकसान पहुंचा है और कुछ क्षेत्रों में फूल गिर गए हैं। उन्होंने बताया कि इससे सेब का उत्पादन 5-10 फीसदी तक उत्पादन प्रभावित हो सकता है।