इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद भी चावल मिलें सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। हिमनिश एग्रो पैडी की ओर से मंडी स्टेट पूल गोदाम में भेजा गया चावल फेल हो गया है। चावल मानकों से अधिक डैमेज पाया गया है। इसे विभाग की ओर से लौटा दिया गया है।
मिलों की ओर से खराब चावल भेजने के बाद खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने चावल मिलों को नोटिस भेजे थे और मानकों के अनुसार चावल भेजने को कहा था। उसके बाद भी चावल मिलें सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। बृहस्पतिवार को हिमनिश एग्रो पैडी ने मंडी स्टेट पूल गोदाम में 300 कट्टे चावल भेजे। जांच टीम की ओर से इस चावल की जांच की तो मानकों से अधिक डैमेज चावल पाए गए। जांच टीम के अधिकारी यूएस डांगी ने बताया कि हिमनिश एग्रो पैडी की ओर से भेजे गए डैमेज चावल मिल को वापस कर दिए गए हैं।
खाद्य विभाग क्यों नही ले रहा है चावल के सैंपल
कमलुवागांजा गोदाम में तीन चट्टों में डैमेज चावल मिला है। डैमेज चावल मिलने के बाद खाद्य विभाग ने अभी तक इसके सैंपल नहीं लिए हैं। नियमानुसार खाद्य विभाग को इसके सैंपल लेकर इसकी जांच लैब से करानी चाहिए।
बाजपुर की चावल मिलें नहीं भेज रही हैं चावल
नोटिस भेजने के तीन दिन बीतने के बाद भी बाजपुर की चावल मिलों ने चावल भेजना शुरू नहीं किया है। अभी तक कमलुवागांजा गोदाम में एक गाड़ी भी चावल की नहीं पहुंची है। विभाग ने मिलों को रिमाइंडर भेजा है। जिसमें तीन दिन में चावल नहीं देने पर ब्लैक लिस्ट की बात कही गई है। सूत्रों की माने तो बाजपुर की चावल मिलें कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। मिलों का कहना है कि उनसे विभाग ने साफ चावल दिया था। इसकी गुणवत्ता की रिपोर्ट विभाग ने उनको दी है।
गोदाम नंबर पांच की जांच कब होगी
खाद्य नागरिक आपूर्ति एंव उपभोक्ता मामले विभाग गोदाम नंबर पांच की जांच क्यों नहीं कर रहा है। गोदाम में तैनात कर्मचारियों की जांच में इस गोदाम से कई कट्टे खराब चावल निकल चुके हैं। साथ ही इस गोदाम में एक धांधली और सामने आई थी। इसमें मिलों की ओर से कट्टे के बीच में खराब चावल भरा गया था। कर्मचारी इस गोदाम से चावल देने से मना भी कर चुके हैं। उसके बाद भी जांच न होना सवाल खड़े कर रहा है।