कार्बेट नेशनल पार्क ने विश्व के सभी टाइगर रिजर्वों में सर्वाधिक बाघ होने का एक नया कीर्तिमान बनाया है। पार्क प्रशासन ने केक काटकर अपनी खुशी का इजहार किया।
एनटीसीए और भारतीय वन्य जीव संस्थान द्वारा जारी बाघ और हाथी की गणना के ताजा आंकड़ों में कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में जहां 29 बाघ बढ़े हैं, वहीं हाथियों की बढ़त 385 तक जा पहुंची है। अब पार्क में 215 बाघ और 1035 हाथियों की संख्या दर्ज की गई है। पहले पार्क में 164 बाघ और 650 हाथी थे।
कार्बेट पार्क के निदेशक समीर सिन्हा ने पत्रकारों को बताया कि 2014 की गणना में पार्क में 418 स्थानों पर कैमरा ट्रेप लगाए गए थे। इसमें 25 हजार बाघों की तस्वीर कैद हुई थी। इसमें सही मिलान करने पर 215 बाघों की उपस्थिति दर्ज की गई।
नए आंकड़ों के बाद सीटीआर बाघों की संख्या के मामलों में विश्व का पहला टाइगर रिजर्व बन गया है। उन्होंने इसे अधिकारी कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि पूरे वर्ष अवैध शिकार की भी कोई शिकायत नहीं मिली।
इसके अलावा 157 गूजर परिवारों का पार्क से विस्थापन भी एक मुख्य कारण रहा, क्योंकि गूजरों के विस्थापन के बाद हाथियों और बाघों को विचरण के लिए काफी जगह मिली। बृहस्पतिवार को पार्क प्रशासन ने आफिस स्टाफ के साथ मिलकर केक काटा। इस दौरान कॉर्बेट पार्क उपनिदेशक डा. साकेत बडोला, पार्क वार्डन शिवराज भी मौजूद रहे।
कार्बेट नेशनल पार्क में बाघों की संख्या में हर वर्ष इजाफा हो रहा है। कार्बेट टाइगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 1288 वर्ग किमी है। इसमें पार्क में 100 वर्ग किमी में 19 बाघ रहते हैं। इसी वजह से बाघों की संख्या बढ़ रही ह्रै।