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Nainital News: फैसलों की चौखट लांघी, अधिकारों की दहलीज अभी बाकी

Mon, 03 Aug 2026 02:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नैनीताल
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प्रतीकात्मक।
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हल्द्वानी। उत्तराखंड में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की तस्वीर धीरे-धीरे बदलती नजर आ रही है। फैसलों की चौखट लांघ चुकी उत्तराखंड की महिलाएं अब अपने जीवन से जुड़े अहम निर्णयों में पहले से ज्यादा मजबूत आवाज बन रही हैं।
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राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस-6) 2023-24 के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में महिलाओं की घरेलू निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी, बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच और स्वास्थ्य सुविधाओं के उपयोग में सकारात्मक बदलाव आया है। महिलाएं अब परिवार से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी जागरूकता बढ़ी है। हालांकि संपत्ति में अधिकार और डिजिटल संसाधनों तक समान पहुंच जैसे क्षेत्रों में अभी सुधार की जरूरत बनी हुई है।


घर के फैसलों में महिलाओं की बढ़ी भागीदारी
93.8% विवाहित महिलाएं अपनी स्वास्थ्य देखभाल, घरेलू खरीदारी और रिश्तेदारों से मिलने जैसे प्रमुख फैसलों में भागीदार हैं। शहरी क्षेत्र में यह आंकड़ा 96.1%, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 92.6% है। ये आंकड़े बताते हैं कि कि परिवारों में महिलाओं की निर्णय लेने की भूमिका पहले से अधिक मजबूत हुई है।
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आर्थिक सशक्तीकरण की तस्वीर
91% महिलाओं के पास अपना बैंक या बचत खाता है और उसका संचालन वे स्वयं करती हैं लेकिन केवल 27.7% महिलाओं के पास अकेले या संयुक्त रूप से घर या जमीन का स्वामित्व है। यानी बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बढ़ी है लेकिन संपत्ति पर अधिकार अभी सीमित है।

डिजिटल और स्वास्थ्य जागरूकता में सुधार
72.5% महिलाएं स्वयं मोबाइल फोन का उपयोग करती हैं। शहरी क्षेत्रों में मोबाइल उपयोग 77.3%, ग्रामीण क्षेत्रों में 70.4% है। 89.8 प्रतिशत महिलाएं मासिक धर्म के दौरान स्वच्छ सुरक्षा साधनों का इस्तेमाल कर रही हैं।

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार पहली तिमाही में गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण 80 प्रतिशत से अधिक हो गया है। प्रसवपूर्व देखभाल का कवरेज लगभग शत-प्रतिशत है जबकि एमसीपी कार्ड का कवरेज 98.6 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों की बेहतर निगरानी और निरंतर देखभाल सुनिश्चित हुई है। — डॉ. रश्मि पंत, सीएमओ, नैनीताल
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